Success Story: जब इरादे नेक हों और साथ में सच्ची सहेली हो, तो बड़े से बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है. दरभंगा की दो सहेलियों, मेघा और वंदना ने मिलकर 2024 में एक ऐसी पहल की है, जो न केवल लोगों की सेहत सुधार रही है बल्कि दर्जनों परिवारों का चूल्हा भी जला रही है. बाजार में मिलने वाले मैदा और अरारोट युक्त हानिकारक पास्ता के विकल्प के रूप में इन्होंने शुद्ध गेहूं के आटे (सूजी) से बना हेल्दी पास्ता तैयार करना शुरू किया है. साल 2024 में शुरू हुए इस स्टार्टअप ने आज अपनी एक खास पहचान बना ली है. मात्र ₹42 प्रति किलो की दर पर उपलब्ध यह पास्ता पूरी तरह ‘मेड इन इंडिया’ विजन पर आधारित है. आज महीने का 300 टन खपत और सालाना 7 करोड़ का टर्नओवर है. खास बात यह है कि इस छोटे से उद्योग ने आज 30 लोगों को स्थायी रोजगार दे रखा है, जबकि कई स्थानीय महिलाएं रोजाना पैकिंग के जरिए अतिरिक्त आय कर रही हैं. मेघा और वंदना का लक्ष्य है कि हर घर में सेहतमंद और शुद्ध पास्ता पहुंचे.
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