Inspirational Story Saharsa: सहरसा की 13 वर्षीय लक्ष्मी कुमारी ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा को न शब्दों की दरकार होती है, न ही सुनने की शक्ति की. जन्म से मूक-बधिर होने के बावजूद लक्ष्मी के हाथों का जादू और रंगों की जुबानी आज पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है. पशुपालन इलाके की रहने वाली इस नन्ही कलाकार ने बिना किसी औपचारिक ट्रेनिंग के केवल यूट्यूब (YouTube) को अपना गुरु बनाया. मोबाइल स्क्रीन पर चलते दृश्यों को देखकर लक्ष्मी ने ब्रश थामा और आज उनकी बनाई पेंटिंग्स इतनी जीवंत हैं कि देखने वाले दंग रह जाते हैं. लक्ष्मी के मामा अमित कुमार बताते हैं कि पेंटिंग उसके लिए महज शौक नहीं बल्कि अपनी खामोश दुनिया को अभिव्यक्त करने का एक सशक्त जरिया है. डिजिटल युग में तकनीक का सही इस्तेमाल कर लक्ष्मी ने अपनी शारीरिक अक्षमता को कभी बाधा नहीं बनने दिया. उनकी यह कहानी उन सभी के लिए एक बड़ा संदेश है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो खामोशी भी सफलता का शोर मचा सकती है.
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