Premanand Ji Maharaj Video: भगवत गीता के अनुसार, मृत्यु अटल सत्य है, जिसे कोई नहीं बदल सकता है. लेकिन गीता में यह भी कहा गया है कि, मृत्यु केवल शरीर का अंत है, आत्मा का नहीं. मृत्यु के बाद केवल शरीर नष्ट होता है, लेकिन आत्मा जीवित रहती है. धरती पर जीव, जन्तु या मानव जिसका भी जन्म हुआ, उसकी मृत्यु निश्चित है. लेकिन सभी की मृत्यु एक समान नहीं होती.
अकाल मृत्यु के बारे में जब प्रेमानंद महाराज से एक भक्त ने पूछा कि, जैसे मृत्यु पहले से तय होती है तो क्या अकाल मृत्यु भी पहले से तय होती है. महाराज जी ने इस पर कुछ ऐसा जवाब दिया, जिसका वीडियो इनदिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है.
प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं, नहीं अकाल मृत्यु पहले से तय नहीं होती, मृत्यु तय होती है. उन्होंने कहा कि, जब कोई व्यक्ति पूर्व जन्म या इस जन्म में कोई महापाप करता है तो दंड के रूप में उसकी आयु क्षीण हो जाती है और उसे अकाल मृत्यु मिलता है. यहां देखिए वायरल वीडियो-
कौन से काम बनते हैं अकाल मृत्यु के कारण
ज्योतिष शास्त्र में भी अकाल मृत्यु को पुराने बुरे कर्मों या अशुभ ग्रहों की स्थिति से जोड़कर देखा जाता है. वहीं यह भी माना जाता है कि पितृ दोष या काल सर्प दोष भी अकाल मृत्यु कारण बनते हैं. प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, व्यक्ति की कुछ गलत आदते हैं भी महापाप की श्रेणी में आती हैं, जिससे कि उसकी आयु क्षीण हो जाती है और अकाल मृत्यु का योग बनता है. जानें वो कौन सी आदते हैं.
पराई स्त्री से संबंध बनाना महापाप की श्रेणी में आता है. यह गलत कार्य भी अकाल मृत्यु का कारण बनता है. यदि अकाल मृत्यु न भी हो तो व्यक्ति जीवनभर मृत्युतुल्य कष्ट पाता है.
साधु संतों का अपमान, गर्भवती महिला का अपमान और बुजुर्ग, गरीब या असहायों का अपमान करना भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसे लोगों को अकाल मृत्यु का दंड मिलता है.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
.