Success Story: हजारीबाग के चंदवार गांव के युवा किसान रूपेश कुमार ने अपनी सूझबूझ से खेती को घाटे के सौदे से मुनाफे के व्यवसाय में बदल दिया है. उन्होंने पारंपरिक ढर्रे को छोड़कर ‘अगेती खेती’ (Early Farming) का मॉडल अपनाया. जिससे उन्हें चार महीने में ही 3 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ है. रूपेश ने इस साल चार एकड़ में ‘सोनाली’ किस्म की अगेती मटर उगाई. जब दिसंबर-जनवरी में आम मटर बाजार में आती है, रूपेश ने अपनी फसल नवंबर के अंत में ही उतार दी. इसका नतीजा यह रहा कि उनकी मटर 150 रुपये प्रति किलो तक बिकी. करीब 4 लाख की लागत लगाकर उन्होंने 7 लाख रुपये की कमाई की. उनकी फसल की मांग इतनी है कि व्यापारी सीधे खेत से ही नकद भुगतान कर माल उठा रहे हैं, जो झारखंड और बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल की मंडियों तक पहुंच रहा है. रूपेश का मानना है कि केवल मेहनत नहीं, बल्कि बाजार की मांग के अनुसार सही समय पर सही फसल का चुनाव ही किसानों को ‘मालामाल’ बना सकता है. उनकी सफलता अब पूरे जिले के किसानों के लिए एक मिसाल बन गई है.
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