Space Plumber: अंतरिक्ष में काम करना सिर्फ रिसर्च तक सीमित नहीं होता. कई बार वहां छोटे-बड़े तकनीकी काम भी खुद ही करने पड़ते हैं. मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच ने इसी अनुभव को साझा किया. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा- ‘मैं स्पेस प्लंबर हूं और मुझे इस पर गर्व है.’ दरअसल, अंतरिक्ष यात्रियों को हर तरह के काम के लिए ट्रेनिंग दी जाती है. ताकि जरूरत पड़ने पर वे किसी भी भूमिका में काम कर सकें. कभी-कभी उन्हें जरूरी मशीनें भी ठीक करनी पड़ती हैं. यहां तक कि स्पेसक्राफ्ट के टॉयलेट को भी. यह बयान दिखाता है कि अंतरिक्ष मिशन में हर काम अहम होता है. और हर सदस्य को हर चुनौती के लिए तैयार रहना पड़ता है.
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