Success Story: भारत अब सिर्फ जमीन और आसमान ही नहीं, बल्कि पानी के नीचे भी अपनी स्वदेशी ताकत दिखा रहा है. LPU के छात्र खालिद और उनकी टीम ने AURA नामक एक ऐसी ऑटोनॉमस (खुद चलने वाली) पनडुब्बी तैयार की है. जो बिना किसी इंसानी मदद के समंदर और नदियों की गहराई में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला सकती है. जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऐसी पनडुब्बियों की कीमत ₹5 लाख से शुरू होती है. वहीं टीम खालिद ने इसे महज ₹1.8 लाख में तैयार कर दिखाया है. इस प्रोजेक्ट की अहमियत को देखते हुए गुजरात सरकार ने इसे ₹2.5 लाख की फंडिंग भी दी है. AI और YOLO मॉडल वाली ये पनडुब्बी पानी के अंदर खुद रास्ता ढूंढती है. मलबे या इंसानों की पहचान कर सकती है. इसे पूरी तरह वॉटर-फ्रेंडली बनाया गया है, जिससे जलीय जीवों को कोई नुकसान न हो. झीलों और समुद्र के अनछुए रहस्यों को सुलझाने के साथ-साथ यह ‘फ्लोरा और फौना’ की स्टडी में भी मददगार है. वर्तमान में यह अपने 5वें मॉडल (TRL-5) पर है. जल्द ही इसे मार्केट में उतारने की तैयारी है. भारत में अंडरवॉटर रोबोटिक्स के क्षेत्र में यह एक बड़ी छलांग मानी जा रही है.
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