अफीम खेत में पानी, हत्या पीड़ित को मुआवजा नहीं मिला: नीमच जनसुनवाई में आए 44 आवेदन; अधिकारियों ने दिए तुरंत निराकरण के निर्देश – Neemuch News

नीमच में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में जिला पंचायत सी.ई.ओ. अमन वैष्णव और अपर कलेक्टर बीएस कलेश ने कुल 44 आवेदकों की समस्याओं को सुना। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को शिकायतों का तुरंत और स्थायी समाधान करने के निर्देश दिए। जनस

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अफीम के खेत में तालाब का पानी घुसने का खतरा

रेवली देवली निवासी शांतिलाल नागदा ने अपने अफीम के खेत में पानी भरने की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि हाल की भारी बारिश के कारण पास के तालाब का पानी उनके खेत में घुसने का गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।

यह उनका पांचवां शिकायत आवेदन है। नागदा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो फसल के नुकसान की पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश शासन की होगी। उन्होंने स्थायी जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की।

हत्या पीड़ित को छह साल बाद भी मुआवजा नहीं मिला

मनासा तहसील के ग्राम पड़दा निवासी भेरूलाल भील ने अपनी आपबीती सुनाई। उनके पिता, स्वर्गीय अमरलाल भील की हत्या के बाद, अनुसूचित जाति और जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत उन्हें मुआवजा दिया जाना था।

6 अक्टूबर 2017 को उनके लिए नौकरी और असमर्थता के कारण कृषि भूमि देने का आदेश जारी हुआ था। बावजूद इसके छह साल बीत जाने के बाद स्थानीय राजस्व अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। भेरूलाल ने आजीविका के लिए दो एकड़ कृषि भूमि तुरंत उपलब्ध कराने की गुहार लगाई।

अन्य आवेदकों ने भी रखी समस्याएं

इसके अलावा, जनसुनवाई में गिरदौड़ा के गोपाल, पिपल्याघोटा के किशोर, रामपुरा के माणकलाल, लेवड़ा की संगीता, नीमच के दिलीप पुरोहित, बघाना के महेश कटारिया, जावद के नेमीचंद, पालसोडा की कविता प्रजापत, मनासा की बरखा कछावा, भरभडिया के शंभुलाल धनगर, चीताखेड़ा की धापुबाई, तुम्बा के बंशीलाल नागदा, आमलीभाट के हरिश, ग्वालटोली के राजा, नीमच सिटी के प्रहलादसिह, जयसिंगपुरा के नानूराम, राजीव नगर नीमच के अनिल कुमार, जावी के रमेश पाटीदार, पिपलिया गुर्जर के राजू और मनोहर सहित कई अन्य लोगों ने भी अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं।

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