खरगोन. सर्दियों का मौसम शुरू होते ही लोग नहाने और अन्य कामों के लिए गर्म पानी का उपयोग ज्यादा करते हैं. इसके लिए अधिकांश घरों में सस्ती और आसान सुविधा के रूप में इमर्शन रॉड (Immersion Rod) का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन यही रॉड अगर गलत तरीके से उपयोग की जाए, तो करंट लगने या ब्लास्ट जैसी गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है. एक्सपर्ट का कहना है कि हर साल कई लोग रॉड से जुड़े हादसों में अपनी जान तक गंवा देते हैं जबकि थोड़ी सी सावधानी इन घटनाओं को रोक सकती है.
कम पानी में न करें रॉड ऑन
उन्होंने कहा कि रॉड में करंट फैलने का भी डर बना रहता है, इसलिए हमेशा स्टील, एल्युमिनियम या अन्य धातु के बर्तनों में ही पानी गर्म करें. अगर बाल्टी या बर्तन में पानी की मात्रा कम हो, तो रॉड का हीटिंग पार्ट जल्दी गर्म होकर जल सकता है, जिससे करंट फैलने या रॉड फटने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए रॉड को हमेशा निश्चित लेवल तक पानी में डुबोकर ही चालू करें. ऐसा करने से हादसा होने की संभावना घट जाती है.
सुरक्षा के लिए अपनाएं ये उपाय
1. इमर्शन रॉड चालू रहने पर पानी में हाथ बिल्कुल न डालें.
2. पानी गर्म करने वाला बर्तन हमेशा लकड़ी के पटिए पर रखें, सीधे जमीन पर नहीं.
3. स्विच ऑफ करने के बाद ही प्लग निकालें और रॉड को पानी से बाहर निकालें.
4. रॉड को बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखें.
5. अगर रॉड में तार या प्लग ढीला हो, तो तुरंत बदलें या रिपेयर कराएं.
न करें सुरक्षा से समझौता
नयन जैन कहते हैं कि इमर्शन रॉड भले ही सस्ता और आसान विकल्प है लेकिन इसका इस्तेमाल हमेशा सावधानी से करें. थोड़ी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है. अगर संभव हो, तो ऑटो कट फीचर वाले रॉड या मिनी गीजर का उपयोग करें, जो ज्यादा सुरक्षित होते हैं.
.