गोंडा के रामनाथ आरोग्य धाम में औषधीय पौधों की भरमार, काली हल्दी से लेकर तुलसी तक; कई बीमारियों में हो रहा उपयोग

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के विकासखंड इटियाथोक के ग्राम सभा जयप्रभा ग्राम में स्थित रामनाथ आरोग्य धाम में कई औषधीय पौधे लगाए गए है. उनके यहां काली हल्दी, एलोवेरा, छुईमुई, भू आंवला, अनानास, तुलसी, जराकुश समेत कई औषधीय पौधे लगाए गए है. ये पौधे विभिन्न बीमारियों में उपयोगी होते है और इनसे कई प्रकार की जड़ी-बूटियां तैयार की जाती है.

आरोग्य धाम में लगने वाले औषधीय पौधों में काली हल्दी, एलोवेरा, छुईमुई, भू-आंवला, अनानास, तुलसी और जराकुश शामिल है.  इन पौधों का उपयोग न केवल दवाइयां बनाने में होता है, बल्कि ये घरेलू उपचार में भी बेहद कारगर साबित होते है.

काली हल्दी दर्द निवारण, पेट संबंधी रोग और त्वचा रोगों में लाभकारी. एलोवेरा त्वचा को निखारने, जलन को शांत करने और पाचन तंत्र को सुधारने में उपयोगी. छुईमुई मूत्र रोग, पाइल्स और घाव भरने में सहायक. भू-आंवला लीवर संबंधी रोगों और पीलिया में उपयोगी. अनानास पाचन सुधारने और शरीर में ऊर्जा बढ़ाने की क्षमता. तुलसी: सर्दी, खांसी, दमा और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में असरदार. जराकुश: बुखार कम करने और शरीर को ठंडक पहुंचाने में कारगर.

ग्रामीणों के लिए लाभ:
वेद प्रकाश पांडेय बताते हैं कि इस औषधीय धाम से आसपास के ग्रामीण भी लाभ ले रहे है. छोटे-मोटे रोगों के लिए लोग यहां आकर पौधों से बनी जड़ी-बूटियां और औषधियां लेते है. यहां पर दवाएं प्राकृतिक रूप से तैयार की जाती है. जिससे किसी भी तरह के साइड इफेक्ट की संभावना नहीं रहती.

रामनाथ आरोग्य धाम
आज जब आधुनिक दवाइयों के साइड इफेक्ट को लेकर लोग परेशान है, ऐसे समय में गोंडा के रामनाथ आरोग्य धाम एक प्रेरणादायक उदाहरण है. यह न केवल आयुर्वेद और परंपरागत चिकित्सा को आगे बढ़ा रहा है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्राकृतिक चिकित्सा से जोड़ रहा है.

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