आरोग्य धाम में लगने वाले औषधीय पौधों में काली हल्दी, एलोवेरा, छुईमुई, भू-आंवला, अनानास, तुलसी और जराकुश शामिल है. इन पौधों का उपयोग न केवल दवाइयां बनाने में होता है, बल्कि ये घरेलू उपचार में भी बेहद कारगर साबित होते है.
ग्रामीणों के लिए लाभ:
वेद प्रकाश पांडेय बताते हैं कि इस औषधीय धाम से आसपास के ग्रामीण भी लाभ ले रहे है. छोटे-मोटे रोगों के लिए लोग यहां आकर पौधों से बनी जड़ी-बूटियां और औषधियां लेते है. यहां पर दवाएं प्राकृतिक रूप से तैयार की जाती है. जिससे किसी भी तरह के साइड इफेक्ट की संभावना नहीं रहती.
रामनाथ आरोग्य धाम
आज जब आधुनिक दवाइयों के साइड इफेक्ट को लेकर लोग परेशान है, ऐसे समय में गोंडा के रामनाथ आरोग्य धाम एक प्रेरणादायक उदाहरण है. यह न केवल आयुर्वेद और परंपरागत चिकित्सा को आगे बढ़ा रहा है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्राकृतिक चिकित्सा से जोड़ रहा है.