यूपीआई फ्रॉड: गलत खाते में चले गए पैसे? ऐसे शिकायत कर तुरंत पाएं रिफंड

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UPI से गलत ट्रांजेक्शन या फ्रॉड होने पर NPCI, RBI और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर रिफंड पाना संभव है. जल्दी एक्शन लेने से पैसा वापस मिल सकता है.

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गलत खाते में ट्रांसफर और फ्रॉड में क्या है फर्क?.

डिजिटल इंडिया के दौर में यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) ने पेमेंट्स को बेहद आसान बना दिया है. लेकिन इसी आसानी के साथ फ्रॉड और गलत ट्रांजेक्शन की घटनाएं भी बढ़ रही हैं. कई बार लोग गलती से गलत UPI ID, मोबाइल नंबर या बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर देते हैं, या फिर फिशिंग, फेक QR कोड जैसी धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं. ऐसे में घबराहट होना स्वाभाविक है, लेकिन अच्छी खबर यह है कि तुरंत एक्शन लेकर आप अपने पैसे वापस पा सकते हैं. नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के तहत एक मजबूत व्यवस्था मौजूद है, जिसमें सरकारी स्तर पर सपोर्टेड पोर्टल्स के जरिए शिकायत दर्ज कर रिफंड मिलना संभव है.

सबसे पहले समझिए कि गलत खाते में पैसे जाने की स्थिति दो तरह की हो सकती है- एक अनजाने में गलत UPI एड्रेस पर ट्रांसफर (जो टेक्निकल मिस्टेक है), और दूसरा फ्रॉड (जैसे कोई स्कैमर आपको धोखे से पेमेंट करवाता है).

दोनों मामलों में रिफंड की प्रोसेस लगभग एक जैसी है, लेकिन समय बहुत मायने रखता है. RBI के ‘Zero Liability’ नियम के मुताबिक, अगर आप फ्रॉड की सूचना 3 दिनों के अंदर देते हैं, तो आपकी जिम्मेदारी शून्य हो जाती है और बैंक को रिफंड करना पड़ता है. NPCI भी ‘Dispute Redressal Mechanism’ के तहत ऐसी शिकायतों को प्राथमिकता देता है.

तुरंत क्या करें ?

  1. सबसे पहले जिस UPI ऐप (जैसे गूगल पे, फोनपे, पेटीएम, भीम) से ट्रांजेक्शन किया, उसमें जाकर ‘रिपोर्ट’ या ‘डिस्प्यूट’ ऑप्शन चुनें. ट्रांजेक्शन ID (UTR नंबर), तारीख, राशि और स्क्रीनशॉट संभालकर रखें.
  2. अपने बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क करें. कई बैंक तुरंत रिवर्सल रिक्वेस्ट शुरू कर देते हैं.
  3. अगर 24-48 घंटे में समस्या न सुलझे, तो NPCI के हेल्पलाइन नंबर 1800-120-1740 पर कॉल करें. यह टोल-फ्री है और UPI से जुड़ी शिकायतों के लिए समर्पित है.
  4. सबसे महत्वपूर्ण कदम: NPCI का ऑफिशियल Dispute Redressal Mechanism Portal (npci.org.in/what-we-do/upi/dispute-redressal-mechanism) पर जाएं.
  5. यहां ‘Register Complaint’ सेक्शन में ट्रांजेक्शन डिटेल्स भरें- ट्रांजेक्शन टाइप (Person to Person), इश्यू कैटेगरी (Incorrectly transferred to another account या Fraudulent transaction) चुनें. Complaint Reference Number (CRN) नोट करें, जिससे आप स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं. NPCI जांच कर संबंधित बैंक को निर्देश देता है, और ज्यादातर वैलिड केस में रिफंड 7-30 दिनों में मिल जाता है.
  6. फ्रॉड के मामलों में अडिशनल सिक्योरिटी के लिए नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर भी शिकायत दर्ज करें या 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें.

यह सरकारी पोर्टल फाइनेंशियल फ्रॉड को प्राथमिकता देता है और पुलिस जांच शुरू करवा सकता है.

ध्यान रखें: जितनी जल्दी शिकायत करेंगे, उतनी ज्यादा संभावना रिफंड की. NPCI और RBI की 2025-26 गाइडलाइंस में UPI को और सुरक्षित बनाने के लिए नए फीचर्स जैसे नाम डिस्प्ले और बेहतर ट्रैकिंग जोड़े गए हैं.

अगर 30 दिनों में भी रेजोलूशन न हो, तो RBI बैंकिंग Ombudsman से संपर्क करें. घबराहट की बजाय स्मार्ट एक्शन लें- ये सरकारी पोर्टल और हेल्पलाइन आपके लिए बने हैं. डिजिटल पेमेंट्स सुरक्षित रहें, और फ्रॉड से बचाव के लिए हमेशा UPI ID दोबारा चेक करें, अनजान लिंक से बचें. आपका पैसा वापस आ सकता है- बस सही समय पर सही कदम उठाएं.

About the Author

Afreen Afaq

Afreen Afaq has started her career with Network 18 as a Tech Journalist, and has more than six years experience in ‘Mobile-Technology’ beat. She is a high-performing professional with an established and proven …और पढ़ें

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