हनुमान जयंती पर अनोखा भंडार, वानर सेना ने पेट भरकर खाई मिठाईयां, Video Viral

Viral Video: गुरुवार को देशभर में धूमधाम और श्रद्धापूर्वक हनुमान जयंती मनाई गई. भगवान हनुमान के जन्मोत्सव पर पूजा-व्रत के साथ ही मंदिरों, धार्मिक स्थलों या विशेष स्थानों पर भंडारे का भी आयोजन किया जात है. लेकिन हनुमान जयंती पर भंडारे का एक अनोखा वीडियो सामने आया है, जिसकी जमकर तारीफ हो रही है.

हनुमान जयंती के इस वायरल वीडियो में आस्था और सेवा का एक अनोखा संगम देखा गया. जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो महाराष्ट्र के अकोला जिले के बार्शीटाकली तालुका का है. वीडियो के अनुसार हनुमान जयंती पर ‘वानर सेना’ के लिए विशेष भंडारे का आयोजन किया गया. भंडारे में वानरों को मिठाईयां भी परोई गई, जहां सैकड़ों लंगूरों को अनुशासन के साथ भोजन कराया गया.

हनुमान जयंती पर वानर सेना के लिए भंडारा

दरअसल, महाराष्ट्र के अकोला जिले के बार्शीटाकली तालुका में हनुमान जयंती पर वानर सेना के लिए भंडारा कराने की परंपरा है. यह भंडारा विशेषकर वानर सेना के लिए ही रखा गया. वीडियो में देखा जा सकता है कि, हनुमान जी के भक्त वानर अपने प्रभु के जन्मोत्सव का आनंद ले रहे हैं और मिठाईयां खा सकते हैं.

खास बात यह कि, वानर भी बिना किसी अफरा-तफरी के शांतिपूर्वक भोजन करते दिखाई दे रहे हैं. सभी पंक्ति में बैठकर आराम से थाली में परोसा गया भोजन खाते नजर आ रहे हैं. कई लोगों ने इस पूरे दृश्य को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया. इंटरनेट पर यह वीडियो इस समय काफी चर्चा में है. साथ ही सोशल मीडिया पर इसकी जमकर तारीफ भी हो रही है. कई यूजर्स इसे प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं. तो वहीं कुछ लोगों का कहना है कि हनुमान जयंती जैसे पावन पर्व पर इस तरह का आयोजन समाज में दया, सेवा और सह-अस्तित्व का संदेश देता है.

धार्मिक मान्यता के अनुसार, हनुमान जी का जन्म अंजना माता (जिन्हें एक श्राप के कारण वानर रूप मिला था) और केसरी के घर हुआ, जिन्हें शिवजी का वरदान प्राप्त था. भगवान हनुमान का जन्म शिव के 11वें रुद्रावतार में हुआ. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वानर, नर और वानर के बीच की एक विलक्षण प्रजाति थी जो वन में रहती थी. हनुमान जी को वानरों का राजा और रक्षक माना जाता है. इसलिए हनुमान जी के जन्मोत्सव पर वानरों को भोजन कराना या किसी भी तरह से उनकी सेवा करना बहुत शुभ माना जाता है.

इसी भावना के साथ महाराष्ट्र के अकोला में भी परंपरा को निभाते हए हनुमान जयंती पर वानरों के लिए लंगर का आयोजन किया गया, जिससे हनुमान जी की कृपा बनी रहे और समाज में सेवा व करुणा का संदेश भी पहुंचे. हनुमान जयंती के दिन व्रत, पूजा-पाठ, सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करने के साथ-साथ जरूरतमंदों और जीव-जंतुओं को भोजन कराने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है.

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