राजगढ़ में अनोखी घटना, बंदर की तेरहवीं पर 5000 लोगों का भोज, गांववालों ने दाढ़ी-मूंछें भी मुंडवाईं

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Rajgarh News: मध्य प्रदेश के राजगढ़ में बंदर की मौत के बाद ऐसा नज़ारा देखने को मिला जिससे हर कोई हैरान हो गया. बंदर की मृत्यु के बाद भोज के लिए ग्रामीणों ने करीब 1 लाख रुपए का चंदा इकट्ठा किया और भव्य भोज किया.

Ujjain News: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में अनोखी घटना देखने को मिली. यहां बंदर की मौत के बाद ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ तेरहवीं पर भव्य मृत्यु भोज का आयोजन किया. खिलचीपुर तहसील के दरावरी गांव में हुए इस आयोजन में लगभग 35 किलोमीटर के दायरे के गांवों से लोग आमंत्रित किए गए थे. करीब 5 हज़ार से अधिक लोगों ने प्रसाद स्वरूप भोजन ग्रहण किया. गांव के लोग बंदर को हनुमानजी का स्वरूप मानते थे, इसलिए उन्होंने आपसी सहयोग से करीब एक लाख जुटाकर यह कार्यक्रम आयोजित किया.

अस्थि विसर्जन उज्जैन में 
बंदर की मृत्यु के ग्यारहवें दिन ग्रामीणों ने पूरी श्रद्धा के साथ धार्मिक कर्मकांड पूरा किया. गांव के पटेल बिरम सिंह सौंधिया पांच पंचों के साथ अस्थियां लेकर उज्जैन पहुंचे और शिप्रा नदी में विधिवत विसर्जन किया. बिरम सिंह ने परिवारजनों की परंपरा अनुसार अपनी दाढ़ी बनवाकर ‘ग्यारहवीं’ संस्कार भी संपन्न किया.

भव्य मृत्यु भोज और निमंत्रण
आस-पास के सैकड़ों गांवों और रिश्तेदारों को फोन के माध्यम से मृत्यु भोज का निमंत्रण गांव वालों ने दिया था. गांव के बाहर खुले प्रांगण में आयोजित भोजन में नुक्ती, सेव, कढ़ी और पूड़ी बनाई गई. भोजन स्थल पर हनुमान भक्ति के गीतों पर आधारित बैंड-बाजे की धुन भी लगातार बज रही थी, जिससे वातावरण भावुक और धार्मिक बना रहा.

बंदर की मौत कैसे हुई?
गांव के निवासी हरि सिंह दिलावरी के अनुसार 7 नवंबर को बंदर सुबह जंगल की दिशा से गांव में आया था. खेलते-कूदते वह अचानक गांव की सीमा पर गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया. ग्रामीणों ने उसे भोजन और पानी देकर बचाने की कोशिश की, परंतु कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया.

अंतिम यात्रा में डीजे, सम्मान
8 नवंबर को पूरे गांव के लोग मंदिर परिसर में एकत्र हुए. बंदर के लिए डोल तैयार कर पारंपरिक तरीके से अर्थी सजाई गई. इसके बाद डीजे की धुनों के साथ अंतिम यात्रा पूरे गांव से होकर मुक्तिधाम तक ले जाई गई, जहां पूर्ण विधि-विधान से उसका अंतिम संस्कार किया गया.

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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