मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण, क्या है मामला, कब शुरू हुआ, समझें

Last Updated:

OBC Reservation In MP: मध्य प्रदेश में औबीसी आरक्षण के मुद्दे पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. इस मुद्दे पर सहमति बनाने के लिए सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है. सरकार का कहना है कि हम आरक्षण देने चाहते हैं, तो …और पढ़ें

मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण, क्या है मामला, कब शुरू हुआ, समझेंसरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक.
भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27 फीसदी आरक्षण के मुद्दे पर सहमति बनाने गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. सुबह 11 बजे से मुख्यमंत्री निवास में बैठक होगी. बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे. कांग्रेस की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित अन्य दलों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. एमपी में ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने का मामला सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है. सरकार ने इसी मुद्दे का हल निकालने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है. इससे पहले ही इस मामले को लेकर एमपी लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने सुप्रीम कोर्ट में एक नया आवेदन पेश किया है.

इस आवेदन में एमपीपीएससी ने ओबीसी वर्ग के चयनित अभ्यर्थियों की पिटीशन को खारिज करने गए लगाए गए काउंटर एफिडेविट को वापस लेने का अनुरोध किया है. सुप्रीम कोर्ट में ओबीसी महासभा के वकील ने बताया कि 19 अगस्त 2025 को एमपीपीएससी ने काउंटर एफिडेविट फाइल किया था. चयनित अभ्यर्थियों ने मांग की थी कि एमपी में जब 27 फीसदी रिजर्वेशन का कानून है तो हमें भी 27 फीसदी आरक्षण के कानून की तहत नियुक्ति की जाएं. एमपीपीएससी ने अपने काउंटर एफिडेविट में इस पिटीश को खारिज करने की मांग की है.

6 साल से लगी रोक

2019 से लेकर 2025 तक 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण का फायदा पिछड़ा वर्ग को नहीं मिल पाया. कई अभ्यर्थी जो पहले से चयनित हो गए हैं उन्हें नियुक्त पत्र इस वजह से नहीं दिए गए क्योंकि इनकी पिटीशन सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है. हालांकि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट कई बार यह कह चुकी है कि कोर्ट की ओर से कई रोक नहीं है.
जानें MPPSC ने अपनी अर्जी में क्या है

MPPSC की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि हलफनामे में औपचारिक पैराग्रामफ से जुड़ी कुछ गलतियां रह गई थी. इसके लिए बिना शर्त मांफी मांगी गई है. इन गलतियों को सुधारकर संशोधित एफिडेविट दाखिल करने की इजाजत दें.

मार्च 2019

  • कमलनाथ सरकार का फैसला
  • ओबीसी आरक्षण बढ़ाकर 14 फीसदी से 27 फीसदी किया गया

मार्च 2020

  • हाईकोर्ट ने कमलनाथ सरकार के फैसले पर लगाई रोक
  • कहा- कुल आरक्षण 50 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकता
सितंबर 2021

  • सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन
  • सामान्य प्रशासन विभाग ने ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने की अनुमति दी

अगस्त 2023

  • हाईकोर्ट ने 87.13 फॉर्मूला लागू किया
  • 87 फीसदी पदों पर भर्ती के साथ 13 फीसदी पदों को होल्ड कर दिया गया
28 जनवरी 2025

  • हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला
  • 87.13 फॉर्मूले को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज
  • 27 फीसदी आरक्षण का रास्ता हुआ साफ

13 फरवरी 2025

  • ओबीसी आरक्षण के मुद्दे को लेकर सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट
22 मार्च 2025

  • मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को ओबीसी 27 फीसदी आरक्षण से जुड़े किसी भी मामले की सुनवाई नहीं करने का निर्देश

22 अप्रैल 2025

  • 52 पिटीशन सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर की गई
  • सुप्रीम कोर्ट ने सभी को स्वीकार कर लिया
25 जून 2025

  • सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर हुई विशेष सुनवाई

कांग्रेस ने सरकार को घेरा

मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस लगातार सरकार को घेरती आई है. पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार ओबीसी आरक्षण लागू नहीं करना चाहती है. जनता को असल मुद्दों से भटकाया जा रहा है.

Preeti George

Preeti George is lead content writer at hindi.news18.com having experience of more than 5 years in digital media. After completing her masters from Kushabhau Thakre Journalism university, she worked in various …और पढ़ें

Preeti George is lead content writer at hindi.news18.com having experience of more than 5 years in digital media. After completing her masters from Kushabhau Thakre Journalism university, she worked in various … और पढ़ें

न्यूज़18 हिंदी को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homemadhya-pradesh

मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण, क्या है मामला, कब शुरू हुआ, समझें

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *