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Ujjain SHiv Navratri 2026: उज्जैन में नवरात्रि देवी नहीं, शिव की होती है और इसे शिव नवरात्रि कहा जाता है. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में यह अनोखा पर्व इस बार 10 दिनों तक मनाया जाएगा. हर दिन भगवान महाकाल अलग-अलग दिव्य स्वरूपों में दर्शन देंगे. यह परंपरा केवल उज्जैन में ही देखने को मिलती है. शिव नवरात्रि के दर्शन को महाशिवरात्रि के बराबर पुण्यदायी माना जाता है.
Shiv Navratri 2026 Ujjain: नवरात्रि का नाम आते ही ज्यादातर लोग देवी उपासना को याद करते हैं, लेकिन धार्मिक नगरी उज्जैन में नवरात्रि का एक बिल्कुल अलग ही रंग देखने को मिलता है. यहां साल में चार नहीं, बल्कि पांच नवरात्रियां मनाई जाती हैं. उज्जैन की खास पहचान है शिव नवरात्रि, जो केवल यहीं मनाई जाती है. यही परंपरा उज्जैन को बाकी तीर्थ स्थलों से अलग और खास बनाती है.
महाकाल के आंगन में 10 दिन का महोत्सव
उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में तीसरे स्थान पर विराजमान हैं. आम जगहों पर जहां महाशिवरात्रि एक दिन मनाई जाती है, वहीं उज्जैन में उससे पहले पूरे नौ दिनों तक शिव नवरात्रि का उत्सव चलता है. इस बार तिथि वृद्धि के कारण यह पर्व नौ नहीं, बल्कि पूरे 10 दिनों तक मनाया जाएगा.
हर दिन बदलता है महाकाल का दिव्य रूप
शिव नवरात्रि की शुरुआत कल से होगी. पहले दिन कोटेश्वर महादेव का हल्दी श्रृंगार किया जाएगा. इसके बाद बाबा महाकाल को विशेष हर्बल सामग्री से दूल्हे के रूप में सजाया जाएगा. तीसरे दिन बाबा अपने अद्भुत शेषनाग स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे. हर दिन महाकाल का अलग-अलग रूप देखने के लिए देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं और पूरा शहर शिवमय हो जाता है.
महाशिवरात्रि से पहले क्यों मनाई जाती है शिव नवरात्रि?
महाकाल मंदिर के पुजारी पं. महेश शर्मा के अनुसार, मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. उसी विवाह से पहले का उत्सव शिव नवरात्रि कहलाता है. इन दिनों भगवान महाकाल को चंदन, मेहंदी और विशेष श्रृंगार से सजाया जाता है. रोजाना विशेष पूजन, अभिषेक और अनुष्ठान होते हैं, जिनके दर्शन मात्र से भक्त भावविभोर हो जाते हैं.
दर्शन का फल, शिवरात्रि के बराबर पुण्य
धार्मिक मान्यता है कि शिव नवरात्रि के दौरान बाबा महाकाल के दर्शन करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. कहा जाता है कि जो श्रद्धालु इन दिनों महाकाल के दर्शन कर लेते हैं, उन्हें महाशिवरात्रि के समान ही पुण्य और आशीर्वाद प्राप्त होता है. यही वजह है कि उज्जैन में शिव नवरात्रि सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का महाउत्सव बन जाती है.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
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