उज्जैन साइबर सेल ने फर्जी निवेश योजना के नाम पर 25 लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह के एक खातेधारक को तेलंगाना से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर देश के 17 राज्यों से करोड़ों रुपए के अवैध लेन-देन का आरोप है। पुलिस के अनुसार, उज्जैन के एक सेवानिवृत्त इंजीनियर को ‘इक्विटी रिसर्च’ नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा था। इस ग्रुप में खुद को गोल्डमैन सैक्स कंपनी से जुड़ा बताकर निवेश के लिए प्रेरित किया गया। ग्रुप के सदस्य नियमित रूप से निवेश और मुनाफे से संबंधित पोस्ट साझा करते थे, जिससे पीड़ित को विश्वास हो गया। अलग-अलग बैंक खातों में 25 लाख जमा कराए आरोपियों ने पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 25 लाख रुपए जमा करवाए। इसके बाद उन्हें प्रतिदिन लगभग 50 हजार रुपए का आभासी मुनाफा दिखाया जाता रहा। जब पीड़ित ने अपनी जमा राशि और मुनाफा निकालने का प्रयास किया, तो उन्हें पैसे नहीं मिले, जिसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इस मामले की शिकायत सितंबर 2024 में राज्य साइबर सेल उज्जैन में दर्ज की गई थी। प्रकरण में अपराध संख्या 270/2024, धारा 318(4) बीएनएस और 66-डी आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। साइबर सेल की टीम, जिसमें मोहन सिंह सोलंकी, हरेंद्रपाल सिंह राठौर और सुनील शर्मा शामिल थे, ने लगातार तीन दिनों तक वारंगल और मलकाजगिरी जिलों में तलाश कर आरोपी सैयद मोईन कुरैशी (30) को गिरफ्तार किया। किराये के मकान के पते पर खुलवाया खाता पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सैयद मोईन कुरैशी ने अपने पुराने किराये के मकान के पते पर एक बैंक खाता खुलवाया था। उसने यह खाता 60 हजार रुपए में किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध कराया था, ताकि ठगी की राशि उसमें जमा की जा सके। आरोपी केवल 10वीं कक्षा तक पढ़ा है और मटन की दुकान चलाता है। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी के बैंक खाते में पिछले 40 दिनों में लगभग 2 करोड़ रुपए के लेन-देन हुए हैं। ये लेन-देन देश के 17 विभिन्न राज्यों से जुड़े हैं। पीड़ित इंजीनियर द्वारा लगभग 18 लाख रुपए इसी खाते में जमा करवाए गए थे। .