मैहर जिले की बेटी उद्रेका सिंह ने रचा इतिहास, Khelo India Winter Games 2026 में जीता गोल्ड

मैहर जिले की उद्रेका सिंह बघेल ने खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 में उद्रेका ने 500 मीटर लॉन्ग ट्रैक फिगर स्केटिंग (महिला वर्ग) में स्वर्ण पदक जीता है। …और पढ़ें

Publish Date: Mon, 26 Jan 2026 02:38:04 AM (IST)Updated Date: Mon, 26 Jan 2026 02:43:20 AM (IST)

मैहर की उद्रेका सिंह ने खेलो इंडिया विंटर गेम्स में जीता स्वर्ण पदक

HighLights

  1. उद्रेका ने 500 मीटर लॉन्ग ट्रैक फिगर स्केटिंग में स्वर्ण पदक जीता
  2. साउथ ईस्ट एशियन आइस स्केटिंग ट्रॉफी में भी उद्रेका का अच्छा प्रदर्शन
  3. मध्यप्रदेश के लिए खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 का पहला गोल्ड मेडल

नईदुनिया प्रतिनिधि, मैहर: मैहर जिले की बेटी उद्रेका सिंह बघेल ने एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन से प्रदेश, जिला और देश का नाम रोशन किया है। लेह (लद्दाख) में आयोजित खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 में उद्रेका ने 500 मीटर लॉन्ग ट्रैक फिगर स्केटिंग (महिला वर्ग) में स्वर्ण पदक जीतकर मध्यप्रदेश के लिए नए साल का पहला गोल्ड मेडल दिलाया।

तीसरे दिन हुए मुकाबलों में मध्यप्रदेश की उद्रेका सिंह और तमिलनाडु के अविक्षित विजय विश्वनाथ ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए। उद्रेका की इस उपलब्धि से पूरे मैहर जिले में हर्ष और गर्व का माहौल है।

लगातार अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों से बढ़ाया मान

मैहर जिले के देवराज नगर निवासी भमर सिंह बघेल की पुत्री उद्रेका लगातार मेडल पर मेडल जीतकर देश का तिरंगा ऊंचा कर रही हैं। हाल ही में मनीला (फिलीपींस) में 10 और 11 जनवरी को आयोजित साउथ ईस्ट एशियन आइस स्केटिंग ट्रॉफी में भी उन्होंने भारत के लिए यादगार प्रदर्शन किया।

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इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में इंडोनेशिया, सिंगापुर, हांगकांग (चीन), ताइवान सहित आठ देशों के खिलाड़ियों के बीच उद्रेका ने शॉर्ट ट्रैक, 3000 मीटर वुमेन्स रिले और 2000 मीटर मिक्स रिले में तीन रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

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छोटे शहर की बेटी, बड़े सपने

एकेडमिक हाइट्स पब्लिक स्कूल की छात्रा उद्रेका वैभव स्केटिंग अकैडमी में नियमित प्रशिक्षण लेती हैं। उनके कोच वैभव अग्रवाल बताते हैं कि उद्रेका ने महज तीन वर्ष की उम्र से स्केटिंग शुरू की थी और आज वे अनुशासन, तकनीक और समर्पण की मिसाल बन चुकी हैं। अब तक वे 100 से अधिक पदक जीत चुकी हैं। उद्रेका अपनी बड़ी बहन विशेषता सिंह को अपनी प्रेरणा मानती हैं, जबकि उनकी सफलता में परिवार के निरंतर सहयोग की अहम भूमिका रही है।

सतना की पहल मोंगिया भी रहीं प्रभावशाली

प्रतियोगिता में भारतीय दल की ओर से सतना की पहल मोंगिया ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान हासिल किया। हाल ही में एशियन चैंपियनशिप में भी इन दोनों खिलाड़ियों ने पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था।

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