देवास जिले के नागदा के पास पालनगर पहाड़ी क्षेत्र में शनिवार सुबह एक बार फिर दो तेंदुओं का मूवमेंट देखा गया। यह तेंदुए बीते कुछ दिनों से शंकरगढ़ की पहाड़ियों और आसपास के जंगलों में लगातार देखे जा रहे हैं।
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स्थानीय लोग दावा कर रहे हैं कि तेंदुए अब रहवासी इलाकों की ओर भी आने लगे हैं, जिससे गांवों में डर का माहौल है। बावजूद इसके अभी तक वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों ने की थी पकड़ने की मांग
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कुछ दिन पहले वन विभाग को तेंदुए की मौजूदगी की सूचना दी थी और एक लिखित आवेदन भी देकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की थी। साथ ही, कई बार तेंदुए के पगमार्क भी अधिकारियों को दिखाए गए।
इसके बावजूद विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि तेंदुए की बढ़ती हलचल को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे किसी बड़ी घटना की आशंका बनी हुई है।
लोकेशन ट्रेस करने में अब तक नाकाम विभाग
लोगों ने बताया कि वन विभाग ने कुछ दिन पहले तेंदुए को पकड़ने के लिए एक पिंजरा मंगवाया था, लेकिन अब तक उनकी सटीक लोकेशन ट्रेस नहीं की जा सकी है। जिससे रेस्क्यू की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।
रेंजर बोले- कैमरे लगाकर करेंगे रेस्क्यू
इस संबंध में फॉरेस्ट रेंजर राजेंद्र कुमार सोलंकी ने बताया कि तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जल्द ही इलाके में कैमरे लगाए जाएंगे। लोकेशन कन्फर्म होने के बाद पिंजरा लगाकर तेंदुओं को रेस्क्यू किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल या पहाड़ी क्षेत्रों में अकेले न जाएं और समूह में ही आवाजाही करें। साथ ही, सतर्कता बनाए रखें।
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