युगांडा से एक ऐसी चौंकाने वाली खबर सामने आई है. एक छोटी और कथित घटना ने एक तानाशाह सरकार को हिला कर रख दिया है. एक ‘किस’ (Kiss) से पूरे देश की सत्ता के साथ-साथ समाज तक कांप उठा है. सरकार इतनी खौफ में आ गई है कि उसके लिए उम्रकैद की सजा मुकर्रर कर दी. युगांडा में बिल्कुल ऐसा ही हो रहा है. यहां सरेआम किस करने के ‘भयानक अपराध’ में दो युवतियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, और अब उन्हें अपनी बाकी की जिंदगी जेल में गुजारनी पड़ सकती है.
दोनों युवतियों की पहचान 22 साल की म्यूजिशियन वेंडी फेथ (जिन्हें टोरेरो बे के नाम से भी जाना जाता है) और 21 साल की एलेसी डायना डेनिस के रूप में हुई है. पुलिस ने दोनों को उनके किराए के कमरे पर ‘रेड’ मारकर गिरफ्तार किया. पुलिस ने बयान दिया, ‘हमें समुदाय से सूचना मिली थी कि ये संदिग्ध अजीबोगरीब और समलैंगिक हरकतों में शामिल हैं. इन्हें दिनदहाड़े एक-दूसरे को चूमते हुए देखा गया था.’
कथित आरोप पर गिरफ्तारी
पुलिस का यह भी आरोप है कि उनके घर पर अक्सर कई अन्य महिलाएं आती थीं. बस इसी ‘खूफिया’ जानकारी के आधार पर पुलिस ने इन दोनों को समलैंगिकता के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल ये दोनों पुलिस हिरासत में हैं. अभी तक इन पर औपचारिक रूप से आरोप तय नहीं किए गए हैं.
तानाशाह मुसेवेनी का ‘काला कानून’
युगांडा के सत्तावादी राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी ने मई 2023 में अंतरराष्ट्रीय आक्रोश को दरकिनार करते हुए ‘एंटी-होमोसेक्शुअलिटी एक्ट’ (Anti-Homosexuality Act) पर हस्ताक्षर किए थे. यह दुनिया के सबसे कठोर और अमानवीय LGBTQ+ विरोधी कानूनों में से एक है.
इस कानून के तहत:
- समान-लिंग वाले संबंधों के लिए: सीधे उम्रकैद का प्रावधान है.
- ‘गंभीर’ समलैंगिकता (Aggravated Homosexuality) के लिए: मौत की सजा (Death Penalty) तक दी जा सकती है. हालांकि, अप्रैल 2024 में, युगांडा की संवैधानिक अदालत ने भी इस क्रूर बिल को पलटने की याचिका को सिरे से खारिज कर दिया था.
खौफ में समुदाय
इस गिरफ्तारी से युगांडा में पहले से ही डरे-सहमे LGBTQ+ समुदाय और भी दहशत में हैं. सेक्सुअल माइनॉरिटीज युगांडा (Smug) के कार्यकारी निदेशक फ्रैंक मुगिशा ने इस घटना पर गहरी चिंता जताया है. उन्होंने कहा, ‘हम इस मामले पर करीब से नजर रख रहे हैं. यह घटना अन्यायपूर्ण है. यह कोई इकलौता मामला नहीं है. लोग केवल अपनी पहचान या रिश्तों के आधार पर निशाना बनाए जा रहे हैं, गिरफ्तार किए जा रहे हैं.’ लोग झूठे आरोपों का डर दिखाकर LGBTQ+ समुदाय के सदस्यों से पैसे ऐंठ रहे हैं.
युगांडा में क्रूरता के आंकड़े
अगर मानवाधिकार संगठनों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो हालात की भयावहता साफ नजर आती है:-
ह्यूमन राइट्स अवेयरनेस एंड प्रमोशन फोरम ने जनवरी में रिपोर्ट दी थी कि इस कानून के लागू होने के बाद से अब तक LGBTQ+ लोगों को निशाना बनाने वाले 956 मामले सामने आए हैं, जिनसे 1,276 व्यक्ति सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं. ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) की मई 2025 की रिपोर्ट में युगांडा के अधिकारियों पर कानून लागू होने के बाद से पिछले दो वर्षों में व्यापक भेदभाव और हिंसा फैलाने का सीधा आरोप लगाया गया है.
हम शोक मना रहे हैं
युगांडा के समलैंगिक अधिकार कार्यकर्ता हंस सेनफुमा का दर्द उनके शब्दों में साफ झलकता है. उन्होंने कहा, ‘युगांडा में हमारा समुदाय इस वक्त सिर्फ डरा हुआ नहीं है, बल्कि हम शोक मना रहे हैं. हम उस आजादी का शोक मना रहे हैं जो हमें कभी नहीं मिली. हम उन दो युवा लड़कियों के लिए दुखी हैं जिन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया.’ सेनफुमा ने आगे बताया कि कैसे आज हजारों युगांडावासी चुपचाप अपने फोन से मैसेज डिलीट कर रहे हैं, अपने अपनों से दूर जा रहे हैं और स्ट्रैट दिखने की एक्टिंग करने को मजबूर हैं ताकि वे जिंदा रह सकें.
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