Last Updated:
Susanne Khan box jumps Benefits: सुजेन खान ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वे बॉक्स जंप करते हुए देखी जा रही है. उन्होंने खुद बताया कि इस एक्सरसाइज से बॉडी के कोर मसल्स स्ट्रॉन्ग होते हैं और दिलो-दिमाग को ताजगी मिलती है.
Susanne Khan box jumps Benefits: हृतिक रोशन की पूर्व पत्नी सुजेन खान की मां जरीन खान का हाल ही में निधन हुआ है. इसके बाद शोक से उबरने पर सुजेन खान पहली बार जिम में वर्कआउट करने गई थी. इस अनुभव को साझा करते हुए सुजेन खान ने इंस्टाग्राम पर कहा है कि चार महीने बाद जब आप जिम जाते हैं तो मुश्किल तो होता है लेकिन अगर आप खुद को सक्षम समझती हैं और आपमें अनुशासन है तो हर मुश्किल काम को कर सकती हैं. सुजेन खान ने जिम में बॉक्स एक्सरसाइज कर यह दिखाने की कोशिश की है कि बेशक चार महीने आप वर्क आउट से दूर रहे हों लेकिन यदि आप में डेडिकेशन हैं तो आप इस काम को बखूबी कर सकती हैं. इसके बाद वे कई बार बॉक्स जंप कर दिखाती हैं. दरअसल, बॉक्स जंप वो एक्सरसाइज हैं जिससे बॉडी का कोर मसल्स स्ट्रॉन्ग होता है. सुजेन खान खुद कहती हैं कि इससे आपके शरीर में एंडॉर्फिन हार्मोन रिलीज होता है जो आपके दिलो-दिमाग को खुश रखता है. जंप बॉक्स अपने आप में कमाल की एक्सरसाइज है, एक्सपर्ट ने इसके कई खूबियों के बारे में बताएं हैं.
बॉक्स जंप के फायदे
इंडियन एक्सप्रेस ने एक्सपर्ट से बात करते हुए लिखा है कि सुजेन खान ने जिस बॉक जंप का सहारा लिया है उससे समग्र मांसपेशीय में सहनशक्ति यानी स्टेमिना बढ़ती है. यह शरीर में ताकत और कार्डियो क्षता दोनों को बढ़ाने में मदद करती है. फिटनेस कंसल्टेंट पवन बेहाल ने बताया कि इस पूरी एक्सरसाइज़ के दौरान कोर का बहुत अधिक इस्तेमाल होता है. यही कारण है कि बर्पी बॉक्स जंप पेट की मांसपेशियों, तिरछी मांसपेशियों (ऑब्लिक्स) और निचली कमर की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए एक प्रभावी एक्सरसाइज बन जाती है. इसमें जंपिंग और स्क्वैटिंग वाले हिस्से मुख्य रूप से निचले शरीर की मांसपेशियों पर काम करते हैं. इस कारण यह क्वाड्रिसेप्स, हैमस्ट्रिंग्स, ग्लूट्स जैसी एक्सरसाइज को एक साथ कर लेती है. बॉक्स जंप में बहुत ही तेज गति से मांसपेशियों पर प्रतिक्रिया होती है जिससे मांसपेशियों के तंतु सक्रिय हो जाते है और यह शरीर के निचले हिस्से की शक्ति और पावर को बढ़ती है.
View this post on Instagram