6 अप्रैल से शुरू होने वाले हफ्ते में बाजार में भारी उतार-चढ़ाव दिख सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति की ईरान को धमकी, कच्चे तेल की अस्थिर कीमतें, विदेशी निवेशकों की एक्टिविटी और ग्लोबल मार्केट की चाल जैसे फैक्टर बाजार की दिशा तय करेंगे। पिछले दो कारोबारी सत्र यानी बुधवार और गुरुवार को शेयर बाजार बढ़कर बंद हुआ था। शुक्रवार को गुड फ्राइडे की वजह से ये बंद था। लगातार दो दिन की तेजी के बाद क्या बाजार इस बढ़त को बरकरार रख पाएगा। चलिए समझते हैं… सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 22,637 | 22,556 | 22,504 | 22,408 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 23,320 | 23,814 | 23,875 | 24,142 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। अब 5 फैक्टर्स जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं… 1. ट्रम्प की डेडलाइन: समझौता नहीं हुआ तो गिर सकता है बाजार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को शांति समझौते और होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए 6 अप्रैल की डेडलाइन दी थी। शनिवार को ट्रम्प ने कहा- अब वक्त खत्म हो रहा है… उन पर आफत टूटने में सिर्फ 48 घंटे बचे हैं। सैन्य कार्रवाई की आशंका बाजार में गिरावट ला सकती है। 2. RBI की मीटिंग: ब्याज दरों में बदलाव की संभावना नहीं RBI की मॉनेटरी पॉलिसी में ब्याज दरों पर लिए फैसलों और महंगाई के आउटलुक पर निवेशक करीबी नजर रखेंगे। नए वित्त वर्ष की पहली मीटिंग 6 अप्रैल को शुरू होगी। 8 अप्रैल को गवर्नर मीटिंग में लिए फैसले की जानकारी देंगे। इस बार ब्याज दरों में बदलाव की संभावना नहीं है। 3. विदेशी निवेशक: मार्च में ₹1.22 लाख करोड़ के शेयर बेचे FPIs ने मार्च महीने में भारतीय बाजार के कैश सेगमेंट में रिकॉर्ड 1.22 लाख करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं। यह अब तक का सबसे बड़ा मासिक आउटफ्लो है। इस बिकवाली से भारतीय शेयरों के वैल्युएशन आकर्षक स्तरों पर आ गए हैं, लेकिन नई खरीदारी के लिए तनाव का कम होना जरूरी है। 4. रुपए की चाल: मुद्रा बाजार में स्थिरता से थोड़ी राहत की उम्मीद डॉलर के मुकाबले गिरते रुपए को बचाने के लिए रिजर्व बैंक ने ऑफशोर डेरिवेटिव्स (NDF) में ट्रेडिंग पर रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद गुरुवार को रुपया 1.8% मजबूत होकर 93.10 के स्तर पर बंद हुआ। ये 12 साल में इसकी एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त है। मुद्रा बाजार में स्थिरता आने से शेयर बाजार को थोड़ी राहत मिल सकती है। 5. टेक्निकल चार्ट: निफ्टी के लिए 21,930 का स्तर अहम निफ्टी 50: रेलीगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का मानना है कि निफ्टी धीरे-धीरे अपने क्रिटिकल सपोर्ट लेवल की ओर बढ़ रहा है। लॉन्ग-टर्म वीकली मूविंग एवरेज (200 WEMA) के हिसाब से 21,930 और उसके बाद 21,750 (जो अप्रैल 2025 का निचला स्तर था) अहम सपोर्ट हैं। मिश्रा ने कहा कि मौजूदा स्तरों पर अनिश्चितता दिख रही है। ऊपर की तरफ 23,000–23,200 के जोन में रेजिस्टेंस है और 23,500 एक बड़ी बाधा है। अगर निफ्टी इस लेवल को पार कर लेता है, तो बाजार का रुख सकारात्मक हो सकता है और यह 24,000 की ओर बढ़ सकता है। सेंसेक्स: एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. के मुताबिक सेंसेक्स 73,300 के करीब संभलने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर है। ऊपर की ओर 73,800–74,000 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस है। वहीं अगर सेंसेक्स 72,000 के नीचे फिसला तो यह 71,500–71,000 के स्तर तक जा सकता है। एक्सपर्ट की राय 1. पोनमुडी आर. के मुताबिक, इस हफ्ते शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की आशंका है। बाजार की चाल फंडामेंटल्स के बजाय ग्लोबल फैक्टर्स से ज्यादा प्रभावित होगी। निवेशकों का सेंटिमेंट काफी हद तक मिडिल ईस्ट के हालातों, करेंसी और विदेशी निवेशकों पर टिका रहेगा। 2. रेलीगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च एसवीपी अजीत मिश्रा का मानना है कि मौजूदा अनिश्चितता में निवेशकों को संभलकर चलना चाहिए। मिश्रा की राय है कि पोर्टफोलियो में उन मजबूत लार्ज-कैप शेयरों को जगह देनी चाहिए, जिनकी कमाई की स्थिति और बैलेंस शीट बेहतर हो। गुरुवार को सेंसेक्स 185 अंक चढ़कर 73,320 पर बंद हुआ सेंसेक्स 2 अप्रैल को दिन के निचले स्तर से 1,773 अंक चढ़कर बंद हुआ। सुबह ये भारी दबाव के साथ खुला और गिरकर 71,545 के स्तर तक आ गया था। बाद में बाजार में खरीदारी आई और यह 185 अंक (0.25%) चढ़कर 73,320 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 22,182 का निचला स्तर बनाने के बाद 531 अंकों की रिकवरी दिखी। ये 34 अंक (0.15%) चढ़कर 22,713 के स्तर पर बंद हुआ। आज के कारोबार में निफ्टी के आईटी और रियल्टी इंडेक्स सबसे ज्यादा चढ़ें। इसमें 2.62% और 1.18% की तेजी रही।
डिस्क्लेमर: ये लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। ऊपर दी गई राय और सलाह व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि दैनिक भास्कर की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश फैसला लेने से पहले सर्टिफाइड विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें। .