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US Brazil Relations: टैरिफ और वेनेजुएला मुद्दे पर तनाव के बीच ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 50 मिनट तक फोन पर बात हुई है. लूला ने ट्रंप के सामने वेनेजुएला में शांति और ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में फिलिस्तीनियों को शामिल करने की मांग रखी. साथ ही, वह जल्द ही वाशिंगटन जाने पर भी सहमत हो गए हैं.
साओ पाउलो/वाशिंगटन. टैरिफ की वजह से ब्राजील और अमेरिका के रिश्तों में आई तल्खी कम होती दिख रही है. ब्राजील के राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला डा सिल्वा ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर लंबी बातचीत की है. दोनों नेताओं के बीच करीब 50 मिनट तक चर्चा हुई. इस बातचीत का सबसे बड़ा नतीजा यह निकला है कि लूला जल्द ही ट्रंप से मिलने वाशिंगटन जाएंगे. ब्राजील सरकार ने एक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की है. इस बातचीत में वेनेजुएला के हालात, ट्रंप का नया ‘बोर्ड ऑफ पीस’ प्रस्ताव और ऑर्गनाइज्ड क्राइम के खिलाफ लड़ाई जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. ऐसा माना जा रहा है कि ट्रंप अब रिश्ते संभालने की कोशिशों में जुट गए हैं.
ट्रंप का ‘बोर्ड ऑफ पीस’ और लूला की शर्त
ट्रंप ने पिछले गुरुवार को एक नया प्रस्ताव ‘बोर्ड ऑफ पीस’ लॉन्च किया था, जिसे लेकर लूला आशंकित थे. लूला ने पहले कहा था कि ट्रंप इसके जरिए एक नया संयुक्त राष्ट्र बनाने की कोशिश कर रहे हैं और इसके एकमात्र मालिक बनना चाहते हैं. फोन पर हुई बातचीत में लूला ने ट्रंप को सुझाव दिया कि इस पहल को केवल गाजा की स्थिति तक ही सीमित रखा जाए, ताकि यह संयुक्त राष्ट्र (UN) के समानांतर खड़ा न हो. ब्राजील के राष्ट्रपति ने यह भी मांग की कि इस बोर्ड में फिलिस्तीनियों को भी प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए. हालांकि, ब्राजील सरकार के बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि लूला ने इस पहल में शामिल होने का ट्रंप का निमंत्रण स्वीकार किया है या नहीं.
रिश्तों में सुधार की कोशिश
ब्राजील और अमेरिका के बीच टैरिफ और विचारधारा को लेकर तनाव बना हुआ था. लेकिन 50 मिनट की इस बातचीत और लूला के वाशिंगटन जाने की सहमति ने यह संकेत दिया है कि दोनों देश कूटनीतिक रास्तों को खुला रखना चाहते हैं.
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