Dr. SK Sarin Tips for Fatty Liver: लिवर से जुड़ी समस्याएं अब तेजी से बढ़ रही हैं, क्योंकि लोगों की लाइफस्टाइल और खान-पान काफी बिगड़ गया है. फैटी लिवर से जूझ रहे मरीजों में युवाओं की तादाद भी ज्यादा है. पहले यह बीमारी शराब पीने वालों में ज्यादा देखी जाती थी, लेकिन अब नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर (NAFLD) की समस्या भी बढ़ रही है. देश के मशहूर लिवर डॉक्टर एसके सरीन कई इंटरव्यू में बता चुके हैं कि फैटी लिवर शुरुआत में साइलेंट रहता है, लेकिन समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह लिवर फाइब्रोसिस, सिरोसिस और लिवर फेलियर तक पहुंच सकता है. अच्छी बात यह है कि कुछ आदतें सुधारकर लिवर फैट कम किया जा सकता है और गंभीर परेशानियों से बचा जा सकता है.
डॉ. एसके सरीन के अनुसार शराब को लिवर का सबसे बड़ा दुश्मन माना जा सकता है. अगर कोई शराब पीता है, तो फैटी लिवर में यह जहर का काम करती है. फैटी लिवर से छुटकारा पाने के लिए शराब तुरंत छोड़ दें. शराब के अलावा आजकल फैटी लिवर की सबसे बड़ी वजह गलत खानपान और मोटापा है. ज्यादा तला-भुना खाना, मीठी चीजें, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, सॉफ्ट ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड फूड लिवर में फैट जमा करने लगते हैं. जब शरीर का वजन बढ़ जाता है, तो इससे भी फैटी लिवर का रिस्क बढ़ जाता है. आजकल लोग एक ही जगह बैठकर घंटों काम करते हैं और फिजिकल एक्टिविटी बहुत कम करते हैं, जिससे फैटी लिवर की समस्या बढ़ रही है. डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल भी फैटी लिवर का खतरा बढ़ाते हैं. कई मामलों में मरीज को कोई लक्षण नहीं दिखते और बीमारी चुपचाप बढ़ती रहती है.
कितना खतरनाक है फैटी लिवर?
डॉ. सरीन ने कई इंटरव्यू में साफ कहा है कि फैटी लिवर को हल्के में लेना बहुत बड़ी गलती है. अगर समय रहते इलाज और लाइफस्टाइल में बदलाव न किए जाएं, तो लिवर में सूजन बढ़ सकती है. आगे चलकर यह लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाकर सिरोसिस में बदल सकता है. लिवर शरीर का डिटॉक्स सेंटर है, इसलिए इसके खराब होने से पूरे शरीर पर असर पड़ता है. लंबे समय तक फैटी लिवर की समस्या बनी रहे, तो इससे लिवर कैंसर का खतरा भी काफी बढ़ सकता है. मोटापा और टाइप 2 डायबिटीज से जुड़े फैटी लिवर सेल्स में सूजन पैदा कर कैंसर का रिस्क बढ़ा सकते हैं.
फैटी लिवर से छुटकारा पाने के तरीके
शराब तुरंत छोड़ दें : डॉ. सरीन साफ कहते हैं कि फैटी लिवर में शराब जहर की तरह काम करती है. चाहे अल्कोहॉलिक फैटी लिवर हो या नॉन-अल्कोहॉलिक समस्या हो, शराब लिवर की सूजन और नुकसान को कई गुना बढ़ा देती है. उनका कहना है कि फैटी लिवर से उबरना है तो शराब पूरी तरह छोड़नी ही होगी.
अपना वजन 10% कम कर लें : एक्सपर्ट के मुताबिक फैटी लिवर का सबसे बड़ा इलाज दवा नहीं, वजन कम करना है. अगर कोई व्यक्ति अपने शरीर का 10 प्रतिशत वजन कम कर लेता है, तो लिवर में जमा फैट और सूजन काफी हद तक कम हो सकती है. इससे लिवर की रिपोर्ट्स भी धीरे-धीरे नॉर्मल होने लगती हैं.
शुगरी ड्रिंक और जंक फूड बंद करें : डॉ. सरीन चेतावनी देते हैं कि शुगर, कोल्ड ड्रिंक और प्रोसेस्ड फूड फैटी लिवर के सबसे बड़े दुश्मन हैं. सॉफ्ट ड्रिंक्स में मौजूद फ्रक्टोज सीधे लिवर में जाकर फैट बनता है. इसलिए मिठाई, बेकरी आइटम, पैकेज्ड जूस और जंक फूड से दूरी बनाना जरूरी है. इसके बजाय ताजा सब्जियां, हेल्दी फूड्स और फलों का सेवन करें.
ब्लैक कॉफी पीना शुरू कर दें : लिवर डॉक्टर ने बताया कि रोज एक दो कप बिना चीनी वाली ब्लैक कॉफी पीने से लिवर में जमा फैट पिघलकर निकल सकता है. ब्लैक कॉफी पीने से फैटी लिवर से राहत मिलती है और सिरोसिस, लिवर कैंसर का रिस्क भी कम हो सकता है. इसके अलावा रोज एक-दो सेब जरूर खाएं. सेब लिवर को हेल्दी रखने में बेहद असरदार होता है.
सप्ताह में एक दिन फास्टिंग करें : अगर आप सप्ताह में एक दिन फास्टिंग करें, तो लिवर में जमा फैट कम हो सकता है. इससे लिवर पर दबाव कम होता है और इसकी गंदगी बाहर निकल जाती है. इससे लिवर का फैट बर्न होता है और लिवर फंक्शन में सुधार होता है. फास्टिंग के दौरान पानी, नींबू पानी और नारियल पानी जैसी चीजें पिएं. इससे लिवर हेल्थ में सुधार होगा.
रोज 30-40 मिनट वॉक करें : डॉक्टर सरीन का कहना है कि लिवर को ठीक रखने के लिए महंगी एक्सरसाइज या जिम जरूरी नहीं है. रोज 30 से 40 मिनट की ब्रिस्क वॉक, साइक्लिंग या हल्का योग करने से लिवर में जमा फैट कम हो सकता है. आप फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाएंगे, तो लिवर हेल्दी रहेगा.