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Colon Cancer Treatment from Rice Bran: धान की भूसी यानी राइस ब्रान पर BHU और कोलोराडो यूनिवर्सिटी की रिसर्च में बड़ा खुलासा हुआ है. वैज्ञानिकों ने पाया कि राइस ब्रान में मौजूद फाइटोकेमिकल्स बड़ी आंत यानी कोलन-रेक्टल कैंसर की वृद्धि को कम करने में मदद कर सकते हैं. 2024 के आंकड़ों के मुताबिक कैंसर अब मौत की बड़ी वजह बन चुका है और भारत में भी इसके मामले बढ़ रहे हैं. क्लिनिकल ट्रायल में राइस ब्रान से ट्यूमर की दर कम होने और गट माइक्रोबायोम बेहतर होने के संकेत मिले हैं. जानिए कैसे धान की भूसी भविष्य में कैंसर प्रिवेंशन डाइट का अहम हिस्सा बन सकती है.
Colon Cancer Treatment: धान की भूसी यानी राइस ब्रान को किसान अक्सर वेस्ट समझकर अलग कर देते हैं. लेकिन अब यही भूसी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है. काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की प्रोफेसर अखिलेंद्र मौर्य ने कोलोराडो यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर रिसर्च की, जिसमें पाया गया कि राइस ब्रान में मौजूद फाइटोकेमिकल्स बड़ी आंत यानी कोलन-रेक्टल कैंसर की वृद्धि को कम कर सकते हैं.
क्यों खतरनाक है कोलन-रेक्टल कैंसर?
2024 के आंकड़ों के मुताबिक अब मौत की बड़ी वजह संक्रामक बीमारियां नहीं, बल्कि नॉन-इन्फेक्शियस डिजीज जैसे हृदय रोग और कैंसर हैं. कोलन-रेक्टल कैंसर दुनिया में तीसरे नंबर पर है और महिलाओं-पुरुषों दोनों में तेजी से बढ़ रहा है. यह कैंसर छोटी सी गांठ से शुरू होकर स्टेज-4 तक पहुंच सकता है और शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाता है. भारत में भी इसके मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है.
रिसर्च में क्या मिला?
वैज्ञानिकों ने चूहों (माइस) पर क्लिनिकल ट्रायल किया. जब उनकी डाइट में राइस ब्रान मिलाया गया तो ट्यूमर बनने की दर कम हो गई. रिसर्च में यह भी पाया गया कि राइस ब्रान शरीर के गट माइक्रोबायोम को बेहतर बनाता है. खराब बैक्टीरिया की जगह अच्छे बैक्टीरिया बढ़ते हैं, जिससे सूजन (इन्फ्लेमेशन) कम होती है और कैंसर की वृद्धि धीमी पड़ती है. कई बायोलॉजिकल सिग्नल्स में भी कैंसर ग्रोथ कम होने के संकेत मिले.
क्या भविष्य में बनेगा ‘एंटी-कैंसर फूड’?
फिलहाल यह रिसर्च आगे के चरण में है. अगर इंसानों पर भी ऐसे ही परिणाम मिले, तो राइस ब्रान को डेली डाइट में शामिल करने की सलाह दी जा सकती है. यानि जिस भूसी को अब तक बेकार समझा जाता था, वही भविष्य में बड़ी आंत के कैंसर के खिलाफ मजबूत हथियार बन सकती है.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
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