आईसीसी को ट्रांसजेंडर महिलाओं और डिफरेंसेज इन सेक्स डेवलपमेंट एथलीटों को ओलंपिक में महिला कैटेगरी में हिस्सा लेने पर रोक लगा दिया। इस फैसले की घोषणा करते हुए आईओसी के अध्यक्ष क्रिस्टी कोवेंट्री ने कहा कि जैविक रूप से पुरुषों का महिला वर्ग में हिस्सा लेना सही नहीं होगा। आईओसी ने ये भी कहा कि ओलंपिक में महिला कैटेगरी में हिस्सा लेने वाली एथलीट्स को एक बार एसआरवाई जीन स्क्रीनिंग करवानी होगी। ये बायोलॉजिकल महिलाओं पर भी लागू होगा।
आईओसी ने कहा कि एसआरवाई जीन स्क्रीनिंग लार, गाल के स्वैब या ब्लड सैंपल से की जाएगी। उसे उम्मीद है कि सभी अंतर्राष्ट्रीय फेडरेशन और नेशनल ओलंपिक कमेटियां, साथ ही कॉन्टिनेंटल एसोसिएशन भी इस पॉलिसी को अपनाएंगे और लागू करेंगे। ज्यादा टेस्टोस्टेरोन लेवल या एक्सवाई क्रोमोसोम वाले एथलीटों के हिस्सा लेने से 2024 पेरिस ओलंपिक में बड़ा विवाद खड़ा हो गया था।
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