Last Updated:
Christmas Celebration In Sagar: सागर में रात 12 बजे से प्रभु यीशु का जन्म के साथ क्रिसमिस शुरुवात भी हो गई सागर शहर में प्रमुख रूप से 8 जगहों पर इसे मनाने की तैयारी की गई है, वैसे तो यह उत्सव चार दिनों तक चलेगा, लेकिन रात से कैरोल गीत गाने से उत्सव की शुरुवात होगी, 25 दिसंबर से अगले तीन दिन तक चर्चो में अलग अलग तरह के कार्यक्रम रखे गए.
सागर शहर में 8 चर्च हैं. जिनमे सेंट कैथेड्रिल चर्च कॉन्वेंट स्कूल, सेंट फ्रांसिस चर्च श्यामपुरा, सेंट मैरी चर्च मकरोनिया, ज्योति भवन चर्च तहसीली और सेंट फ्रांसिस होली रोसरी चर्च हैं. जबकि बाकी तीन प्रोटेस्टेंट चर्च स्वीडिश मिशन स्थित ईएलसी और कैंट बोर्ड के बाजू में स्थित सेंट पीटर्स चर्च, मकरोनिया स्थित डिलिवर्स चर्च हैं. प्रभु यीशु का जन्म होने पर विशेष प्रार्थना सभा होगी और प्रभु यीशु की जन्म की परंपरागत रूप से खुशियां मनाई जाएगी. कैरोल मेकिंग के साथ केक कटिंग भी होगी

सागर शहर के पांच चर्चो में चरनी (गौशाला) की झांकी भी बनायी गयी है. जिसमें प्रभु यीशु की जन्मस्थली बैथलेहम शहर की झांकी तैयार की गई है, यह वही झांकी है जहां प्रभु यीशु का जन्म हुआ था, ईसाई परिवार के घरों में भी चरनी की झांकियां बनवाई गई हैं, घास पूस से इसे तैयार किया जाता है, कहीं कहीं दो दिन पहले इसे बना लिया गया था तो कहीं देर शाम तक भी इसको तैयार किया जा रहा था.

सागर में क्रिश्चियन कम्युनिटी की बात करें तो इनका इतिहास करीब 185 साल पुराना है बुंदेलखंड का पहला चर्च सागर में ही स्थापित किया गया था सन 1841 में कैंटोनमेंट बोर्ड ऑफिस के बाजू से सेंट पीटर्स चर्च बनाया गया था उस समय इस चर्च की कीमत 11999 रुपए आई थी.
Add News18 as
Preferred Source on Google

सागर में 1818 में अंग्रेजों ने प्रवेश किया था और फिर सागर को अपनी कब्जे में लेने के बाद जब यह हिस्सा सीपी एंड बरार क्षेत्र में आता था उसके बाद 1835 में कैंटोनमेंट बोर्ड की स्थापना की गई थी चर्च की नींव मास्टर्स एण्ड वेटरन ऑफ सेंट जॉन्स लॉज ने 16 जून 1836 को रखी थी और 12 जनवरी 1840 को इसमें प्रथम आराधना की गई.

इसी तरह स्वीडन देश से आई लोगों के द्वारा जिला पंचायत के सामने स्कूल के साथ यह चर्चा बनवाया गया था 1939 में इसकी शुरुआत हुई थी और 1968 में बनकर तैयार हुआ था तब से लेकर अब तक यहां पर आराधना की जा रही है.

बता दें, सागर शहर में 5000 से अधिक ईसाई समुदाय की आबादी है लेकिन खास बात यह है कि इसमें 3500 से अधिक लोग जॉब कर रहे हैं, जिनमें महिलाएं सबसे अधिक नर्स का काम कर रही है तो पुरुष वर्ग में लोग शिक्षक हैं इसके अलावा लोग इंजीनियर डॉक्टर वकील के पेशे में भी है.

सागर शहर के चर्च प्रभु यीशु के जन्म को लेकर रौनक छाई हुई है सभी जगह सजावट की गई है, सांता क्लास बनाए गए हैं 25 दिसंबर से यह शहर में भी घूमेंगे वहीं बच्चों के ही हिसाब से अलग-अलग पैटर्न में इनके कपड़े आए हैं जो बाजार में रौनक छाई हुई है

सागर में क्रिसमस को लेकर काफी उत्साह रहता है स्कूलों में भी ऐसे हफ्ते 10 दिन तक सेलिब्रेट किया जाता है
.