सिलीगुड़ी में फिर शुरू हुई टॉय ट्रेन सफारी, मात्र 500 रुपए खर्च कर लें पहाड़ियों-जंगलों का आनंद

West Bengal News: पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के स्थानीय पर्यटन में एक बार फिर रौनक लौट आई है. लंबे समय से बंद पड़ी टॉय ट्रेन जंगल सफारी अब नए रूप में शुरू हो गई है. सिलीगुड़ी से गयाबाड़ी तक चलने वाली यह खास सवारी पर्यटकों को सिर्फ 500 रुपये में पहाड़ी और जंगलों का आनंद दे रही है.

कई कारणों से बंद हुई थी टॉय ट्रेन जंगल सफारी

पहाड़ों का नज़ारा देखने के लिए अब दार्जिलिंग जाने की ज़रूरत नहीं है. दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (DHR) ने स्थानीय टूरिज़्म और रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से यह सेवा फिर से शुरू की है. 2007 से 2009 तक यह सफारी चलती रही थी, लेकिन कई कारणों से इसे बंद करना पड़ा था.

अब डीएचआर ने एक निजी कंपनी के साथ साझेदारी करके इस प्रोजेक्ट को फिर शुरू किया है. अधिकारियों के अनुसार, इससे सिलीगुड़ी क्षेत्र के पर्यटन को नई दिशा मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. 

तीन कोच, अलग-अलग सुविधाएं

इस जंगल सफारी में कुल तीन कोच शामिल किए गए हैं. दो कोच निजी कंपनी की देखरेख में होंगे. इनमें सुरक्षा गार्ड, ट्रेन होस्टेस, नाश्ता, टिफिन और लंच जैसी अतिरिक्त सुविधाएं दी जाएंगी. एक कोच आईआरसीटीसी की देखरेख में यह किफायती कोच होगा, जिसमें 500 रुपये के किराए पर सफर किया जा सकेगा. यात्रा के दौरान आसपास के जंगलों और पहाड़ियों का सुंदर दृश्य पर्यटकों को एक अलग ही अनुभव देगा.

भारत-बांग्लादेश सीमा पर भय का माहौल

इसी बीच, बांग्लादेश में जारी हिंसा और अराजकता ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर ट्रक चालकों में भय का माहौल पैदा कर दिया है. सिलीगुड़ी के फूलबाड़ी बॉर्डर पर बांग्लादेशी ट्रक चालक अपनी चिंताएं खुलकर बयां कर रहे हैं. ढाका के ट्रक चालक रवि मिया मोहम्मद ने बताया, “बांग्लादेश में हालात बेहद खराब हैं. चारों तरफ हिंसा, लूटपाट और जानलेवा हमले हो रहे हैं. अंधेरा होते ही सड़कों पर लुटेरों का आतंक बढ़ जाता है. ट्रक चालक तक सुरक्षित नहीं हैं.”

उनके अनुसार, देर रात वाहन चलाना अब बेहद जोखिम भरा हो गया है. कई जगहों पर अपराधी सड़क पर पेड़ गिराकर डकैती करते हैं. बांग्लादेश में फैली अशांति का असर आर्थिक गतिविधियों पर भी दिखने लगा है. फूलबाड़ी के विदेशी मुद्रा विनिमय केंद्र अब लगभग खाली पड़े हैं. बांग्लादेश से आने-जाने वाली लोगों और व्यापारियों की संख्या कम हो गई है, जिसके कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है.

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