Last Updated:
Tooth Ache Home Remedy: दांत में कीड़े लगे हों, कैविटी हो या दर्द रहता हो, हर समस्या में किचन का ये मसाला रामबाण की तरह काम करता है. इसका सही इस्तेमाल आपको इन परेशानियों से छुटकारा दिलाएगा और डेंटिस्ट के पास जाकर आपको हजारों रुपये नहीं फूंकने पड़ेंगे.
आज के समय में हर दूसरा व्यक्ति दांतों में कैविटी की समस्या से जूझ रहा है. शुरुआती दौर में यह सबको एक आम समस्या लगती है, लेकिन जैसे-जैसे सड़न बढ़ने लगती है, पीड़ित का जीना दूभर हो जाता है. आज हम आपको आयुर्वेद पर आधारित एक ऐसा घरेलू नुस्खा बता रहे हैं, जिसे अगर आपने कैविटी के शुरुआती समय में उपयोग कर लिया, तो उसका स्थायी समाधान हो सकता है.

बेतिया में कार्यरत पतंजलि आयुर्वेदाचार्य भुवनेश पांडे बताते हैं कि आयुर्वेद में कैविटी के समाधान के लिए लौंग को बेहद उत्तम बताया गया है. लेकिन यह उस स्थिति में सबसे अधिक कारगर होता है, जब कैविटी की शुरुआत हो रही हो. अगर आपकी दांतों में सड़न, छेद और सेंसिटिविटी की समस्या दिखने लगी है, तो लौंग का इस्तेमाल तुरंत शुरू कर देना चाहिए.

लौंग का इस्तेमाल आप तीन तरीकों से कर सकते हैं. पहला, पिसी हुई लौंग को थोड़े से पानी या नारियल तेल के साथ मिलाकर पेस्ट बना लें और उसे कैविटी वाली जगह पर लगाएं. कुछ देर तक छोड़ने के बाद साफ पानी से कुल्ला कर लें. आप महसूस करेंगे कि पहली बार के ही प्रयोग से दांत का दर्द गायब हो जाएगा और कुछ दिनों के इस्तेमाल से सड़न का फैलना भी बंद हो जाएगा.

इसी प्रकार अगर आप सबूत लौंग को कैविटी वाली जगह पर रखते हैं और धीरे-धीरे उसे चबाते हैं, तो दांत के सड़े हुए भाग में उसका रस जाएगा, जिससे बैक्टीरिया तो मरेंगे ही, साथ में दर्द से भी राहत मिलेगी. अगर आप इसे हर दिन इस्तेमाल में लाते हैं तो इससे मसूड़ों में सूजन और दांतों की सड़न का भी स्थायी तौर पर समाधान हो जाएगा.

भुवनेश बताते हैं कि किसी कारण से अगर आप सबूत लौंग का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं, तो लौंग के तेल का यूज कर सकते हैं. कैविटी वाली जगह पर एक कॉटन बॉल या रुई के छोटे टुकड़े को लौंग के तेल में डुबोएं और फिर उसे प्रभावित जगह पर रखें. कुछ मिनटों तक रखे रहने से दर्द, बदबू और सूजन जैसी समस्या से तुरंत राहत मिलेगी. हां, अगर आप इस काम को हर दिन करते हैं, तो इससे सड़न का फैलाव भी लगभग खत्म हो जाएगा.

ध्यान रहे कि गलत टूथपेस्ट और बहुत देर तक दांतों को घिसने से भी उनकी मजबूती प्रभावित होती है, जिससे सेंसिटिविटी और मसूड़ों में सूजन जैसी समस्या पैदा होने लगती है. इसलिए चिकित्सक की सलाह से किसी अच्छे और आयुर्वेदिक टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें, साथ ही लौंग और नारियल तेल के प्रयोग को भी शुरू करें. इससे आपकी ओरल हेल्थ सुधरेगी और दांतों की तकलीफें भी नहीं होंगी.