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Sultanpur News: कहते हैं कि अगर हुनर हो तो इंसान किसी भी काम को आसानी से कर सकता है. ऐसा ही कुछ कारनामा सुल्तानपुर की महिला संगीता देवी ने कर दिखाया है, जो अब आत्मनिर्भर बन चुकी हैं.
सुल्तानपुर: कहते हैं कि अगर दिल में हौसला और जुनून हो तो कोई भी आदमी किसी भी काम को आसानी से कर सकता है. इसी का उदाहरण पेश किया है सुल्तानपुर के धनपतगंज ब्लॉक की रहने वाली महिला संगीता देवी ने, जिन्होंने घर की रसोईं से निकलकर अपने पैरों पर खड़ा होने का फैसला किया, जिसका परिणाम रहा कि वह आज आत्मनिर्भर बन चुकी हैं.
दरअसल उन्होंने गांव की अन्य महिलाओं से प्रेरणा लेकर अपने घर पर घरेलू प्रोडक्ट बनाने का काम शुरू किया और उसे बाजार तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई, जिसका परिणाम रहा कि आज वह न सिर्फ अच्छी कमाई कर रही हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं. आइए जानते हैं क्या है संगीता देवी के सफलता का राज.
आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ाया कदम
महिलाएं शिक्षा तकनीक के साथ-साथ घरेलू उत्पाद में भी अब बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं, जिसका उदाहरण पेश किया है सुल्तानपुर की रहने वाली संगीता देवी ने, जो महिला समूह से जुड़कर नीम की पत्ती, एलोवेरा, तुलसी, पलाश का फूल और केसर से साबुन बनाती हैं और उसे बाजार में भी बेचने का काम कर रही हैं. संगीता देवी की ओर से किए जा रहे इस कार्य से अन्य महिलाएं भी प्रभावित हुई हैं और महिला समूह से जुड़कर इसका हुनर सीख रही हैं.
इन सामानों का करती हैं उत्पादन
लोकल 18 से बातचीत के दौरान संगीता देवी ने बताया कि वह कई प्रकार के साबुन जैसे गुलाब का साबुन, नीम का साबुन आदि उत्पादों को जैविक तरीके से तैयार करती हैं, जिसमें कुछ औषधी को भी मिलाती हैं जो लोगों की सेहत के लिए हानिकारक नहीं होता है. इसके साथ ही गीता कपड़ा धुलने का साबुन, नहाने का साबुन, नीम की पत्ती, एलोवेरा, तुलसी आदि चीजों के मिश्रण से बनाती हैं.
यहां तक की है पढ़ाई
संगीता देवी ने लोकल 18 से बातचीत के दौरान बताया कि वह कक्षा बीए तक पढ़ी हैं और रूपाली महिला स्वयं सहायता समूह के साथ जुड़कर साबुन बनाने का काम कर रही हैं. साबुन बनाने की कला में निपुणता हासिल करने के बाद संगीता देवी उसे बाजार में अच्छे दामों में बेच रही हैं. उन्होंने आरसीटी सेंटर इटकौली से प्रशिक्षण भी लिया है.
संगीता देवी ने सुल्तानपुर के रूपाली के नाम से अपने साबुन की ब्रांडिंग की है. आपको बता दें कि संगीता देवी ने अपने इस बिजनेस की शुरुआत अपने गांव की अन्य महिलाओं को देखकर किया था. अपने इस ब्रांडिंग से वो समाज के सामने एक प्रेरणा बनकर उभरी हैं.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
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