राना सामान के बीच तंबाकू-सुपारी का अवैध परिवहन हो रहा था।
बालाघाट में परचून सामान की आड़ में तंबाकू और सुपारी का अवैध परिवहन कर जीएसटी चोरी का मामला सामने आया है। ग्रामीण पुलिस की सक्रियता से यह मामला पकड़ा गया। इसके बाद ट्रांसपोर्ट व्यवसायी ने 2 लाख 45 हजार 550 रुपए की पेनल्टी राशि सरेंडर की है। यह पहली बा
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किराना सामान के बीच तंबाकू-सुपारी का हो रहा था परिवहन
दरअसल, ग्रामीण थाना प्रभारी अमित अग्रवाल अपनी टीम के साथ वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने संदिग्ध वाहन क्रमांक एमएच 31 एपी 317 को रोका। कागजातों की जांच के बाद वाहन में लदे सामान पर संदेह हुआ। गहन जांच करने पर पता चला कि किराना सामान के बीच छिपाकर बिना जीएसटी के तंबाकू और सुपारी का परिवहन किया जा रहा था।
जांच में तंबाकू और सुपारी से संबंधित बिल नहीं मिले
ग्रामीण थाना प्रभारी ने तत्काल इसकी लिखित सूचना बालाघाट जीएसटी विभाग को दी। बुधवार को इंदौर वाणिज्यिक कर आयुक्त के आदेश और संयुक्त आयुक्त सुनीता वर्मा के निर्देश पर सहायक आयुक्त सरिता सिरसाम के नेतृत्व में जीएसटी विभाग की टीम ने वाहन में लदे माल और संबंधित बिलों की जांच की। जांच में पाया गया कि तंबाकू और सुपारी से संबंधित कोई बिल मौजूद नहीं थे।
ग्रामीण पुलिस को जांच के दौरान तंबाकू और सुपारी से संबंधित कोई बिल नहीं मिले।
गुरुदेव ट्रांसपोर्ट बालाघाट से लांजी ले जाया जा रहा था सामान
यह माल गुरुदेव ट्रांसपोर्ट बालाघाट से लांजी ले जाया जा रहा था। जीएसटी विभाग ने माल एवं सेवा कर अधिनियम की धारा 68 के तहत कार्रवाई करते हुए ट्रांसपोर्ट व्यवसायी से पेनाल्टी के रूप में 2 लाख 45 हजार 550 रुपये की राशि सरेंडर कराई।
इस पूरी कार्रवाई में सहायक आयुक्त सरिता सिरसाम के नेतृत्व में राज्य कर अधिकारी डी. एल. पटले, ज्ञानचंद सलाम, राजेश बिसेन और ग्रामीण थाना प्रभारी अमित अग्रवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।