ब्रेन को रखना है 100 साल तक हेल्दी? अमेरिकी डॉक्टर ने बताया फॉर्मूला, जरूर करें ट्राई

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Tips To Keep Brain Healthy: अमेरिकी न्यूरोसर्जन डॉ. जय जगन्नाथ के अनुसार दिमाग को लंबी उम्र तक हेल्दी रखने के लिए अच्छी नींद जरूरी है. नींद के दौरान हमारा ब्रेन ग्लिम्फैटिक सिस्टम के जरिए जहरीले प्रोटीनों को साफ करता है, जो अल्जाइमर का मुख्य कारण बनते हैं. नींद केवल आराम नहीं, बल्कि दिमाग की मरम्मत और याददाश्त के लिए जरूरी है.

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ब्रेन को हेल्दी रखने के लिए रोज अच्छी नींद लेना जरूरी है.

Sleep and Brain Health Link: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हमारे दिमाग पर काफी लोड रहता है. इसकी वजह से ब्रेन हेल्थ बिगड़ जाती है और कई लोग कम उम्र में ही ब्रेन से जुड़ी परेशानियों का शिकार हो जाते हैं. जब भी ब्रेन पावर बढ़ाने या याददाश्त तेज करने की बात आती है, तो हमारा ध्यान महंगे सप्लीमेंट्स, बादाम या किसी जादुई सुपरफूड की ओर जाता है. क्या आप जानते हैं कि आपके ब्रेन को बुढ़ापे और बीमारियों से बचाने का सबसे शक्तिशाली तरीका पूरी तरह से फ्री है? जी हां, आप जानकर हैरान हो रहे होंगे, लेकिन यह बात बिल्कुल सही है. कुछ आसान आदतों से ब्रेन को लंबी उम्र तक हेल्दी रखा जा सकता है और बीमारियों से बचा जा सकता है. इसे लेकर अमेरिकी न्यूरोसर्जन ने एक आसान ट्रिक बताई है.

HT की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के मशहूर न्यूरोसर्जन डॉ. जय जगन्नाथ ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में बताया कि जिस एक आदत को हम सबसे ज्यादा कम आंकते हैं, वही असल में हमारे दिमाग का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है. यह आदत गहरी और अच्छी नींद है. नींद मस्तिष्क के स्वास्थ्य की वह बुनियादी नींव है, जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. नींद के दौरान हमारा मस्तिष्क एक बायोलॉजिकल सफाई प्रक्रिया से गुजरता है, जिसे ग्लिम्फैटिक सिस्टम कहा जाता है. गहरी नींद के दौरान यह सिस्टम सक्रिय होकर ब्रेन के ऊतकों से मेटाबॉलिक कचरे को बाहर निकालता है. अगर आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो यह सफाई प्रक्रिया बाधित हो जाती है, जिससे ब्रेन में जहरीले तत्वों का जमाव होने लगता है.
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न्यूरोसर्जन के अनुसार इस सफाई प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण काम बीटा-एमिलॉयड जैसे प्रोटीनों को बाहर निकालना है. चिकित्सा विज्ञान में बीटा-एमिलॉयड का जमा होना अल्जाइमर और अन्य न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों का मुख्य कारण माना जाता है. जब हम नींद में कटौती करते हैं, तो हम अनजाने में अपने तंत्रिका तंत्र में जहरीला वेस्ट जमा होने दे रहे होते हैं, जो लंबे समय में ब्रेन को डैमेज कर सकता है. कई लोग नींद को समय की बर्बादी मानते हैं और सोचते हैं कि वे वीकेंड पर इसकी भरपाई कर लेंगे. हालांकि लगातार कम नींद लेने से ब्रेन की संरचना पर बुरा असर पड़ता है. नींद केवल कचरा साफ करने के लिए नहीं, बल्कि मेमोरी फॉर्मेशन, भावनात्मक स्थिरता, हार्मोनल संतुलन और न्यूरल प्लास्टिसिटी यानी दिमाग की खुद को ठीक करने की क्षमता के लिए ड्राइवर का काम करती है. नींद हमारे ब्रेन की रिपेयरिंग के लिए बेहद जरूरी है.

डॉ. जगन्नाथ का कहना है कि ब्रेन की सुरक्षा करने वाली अधिकांश महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं बीमारी विकसित होने के सालों पहले शुरू हो जाती हैं और ये सभी प्रक्रियाएं केवल नींद के दौरान ही पूरी होती हैं. इसलिए अगर आप बुढ़ापे तक मानसिक रूप से तेज और सक्रिय रहना चाहते हैं, तो दवाइयों या शॉर्टकट की तलाश बंद करें और अपनी नींद को प्राथमिकता दें. अच्छी नींद कोई लग्जरी नहीं, बल्कि एक जरूरत है. हेल्दी ब्रेन रखने का सॉलिड फॉर्मूला किसी लैब में नहीं, बल्कि आपके बेडरूम के शांत अंधेरे में छिपा है. हर रात 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लेकर आप अपने दिमाग को वह रिकवरी और सफाई दे सकते हैं, जिसकी उसे अगले दिन के तनाव को झेलने के लिए जरूरत होती है.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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