कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए 5 फूड्स से बनाएं दूरी, इनमें कूट-कूटकर भरे टॉक्सिन्स

Tips To Control Cholesterol: हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या तेजी से बढ़ रही है. अधिकतर लोग अब एक ही जगह बैठकर घंटों काम करते रहते हैं और फिजिकल एक्टिविटी बेहद कम करते हैं. इसके साथ ही लोग जमकर जंक फूड का सेवन करते हैं, जिससे सेहत को नुकसान होता है. खराब लाइफस्टाइल, अनहेल्दी फूड्स का सेवन और फिजिकल एक्टिविटी की कमी कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के सबसे बड़े कारण हैं. जब हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा नॉर्मल से ज्यादा हो जाती है, तब यह हमारी खून की धमनियों में जमा हो जाता है. इससे ब्लड की सप्लाई बाधित होती है और हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करना जरूरी होता है. इसे लेकर लापरवाही जानलेवा हो सकती है.

नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया कि हाई कोलेस्ट्रॉल का एक बड़ा कारण गलत खान-पान है. कई चीजें ऐसी होती हैं, जिन्हें हम बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन वे अनहेल्दी फैट से भरी होती हैं. ये धीरे-धीरे हमारे दिल के लिए जहर का काम करती हैं. अगर आप अपने कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखना चाहते हैं, तो आपको अपनी डाइट से अनहेल्दी फूड्स को तुरंत हटा देना चाहिए. ये फूड्स आपकी हार्ट हेल्थ को नुकसान पहुंचाते हैं और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा देते हैं. इसके अलावा भी ये कई अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं.

कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ा सकते हैं ये 5 फूड्स

प्रोसेस्ड मीट और रेड मीट : प्रोसेस्ड मीट जैसे सॉसेज और बेकन कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाले फूड्स हैं. इनमें सोडियम और सैचुरेटेड फैट की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो धमनियों में प्लाक जमने की प्रक्रिया को तेज करते हैं. इसी तरह रेड मीट में भी काफी मात्रा में सैचुरेटेड फैट होता है. इन दोनों ही फूड्स से दूरी बनाना जरूरी है. अगर आप नॉन वेज खाना ही चाहते हैं, तो रेड मीट के बजाय लीन प्रोटीन जैसे मछली या चिकन खा सकते हैं, क्योंकि ये हार्ट हेल्थ को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं.

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ट्रांस फैट से भरपूर फ्राइड फूड्स : बाजार में मिलने वाले तले-भुने खाद्य पदार्थ जैसे फ्रेंच फ्राइज, समोसे, कचौड़ी और पकौड़े स्वाद में तो लाजवाब लगते हैं, लेकिन इनमें ट्रांस फैट कूट-कूटकर भरा होता है. ट्रांस फैट बैड कोलेस्ट्रॉल को तेजी से बढ़ाता है. इन फूड्स को बनाने के लिए तेल को बार-बार गर्म किया जाता है, जिससे उसकी क्वालिटी खत्म हो जाती है और वह शरीर के लिए बेहद खतरनाक हो जाता है. कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए डीप-फ्राइड चीजों से दूरी बनाना बेहद जरूरी है.

बेकरी प्रोडक्ट और मैदा वाले फूड्स : कुकीज, केक, पेस्ट्री और सफेद ब्रेड जैसे बेकरी प्रोडक्ट्स देखने में जितने आकर्षक होते हैं, उतने ही सेहत के लिए हानिकारक हैं. इन्हें बनाने के लिए अक्सर डालडा या हाइड्रोजनेटेड तेल का उपयोग किया जाता है, जो सैचुरेटेड फैट का मुख्य स्रोत है. इनमें मौजूद रिफाइंड शुगर और मैदा शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को बढ़ाते हैं. ये प्रोडक्ट वजन बढ़ाने के साथ हार्ट की धमनियों को सख्त बना देते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर की समस्या शुरू हो सकती है.

फुल-फैट डेयरी प्रोडक्ट : आमतौर पर दूध और उससे बनी चीजें सेहत के लिए अच्छी मानी जाती हैं, लेकिन अगर आपको कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, तो फुल-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स से बचना चाहिए. मलाई वाला दूध, मक्खन, फुल-फैट चीज और क्रीम में सैचुरेटेड फैट की मात्रा काफी अधिक होती है. इनके अधिक सेवन से ब्लड में कोलेस्ट्रॉल का स्तर तेजी से बढ़ सकता है. इसकी जगह आप स्किम्ड मिल्क, कम फैट वाले दही या पनीर का कम मात्रा में उपयोग कर सकते हैं. इससे शरीर को कैल्शियम और प्रोटीन भी मिलेगा और कोलेस्ट्रॉल भी नहीं बढ़ेगा.

पैकेज्ड स्नैक्स और जंक फूड : चिप्स, फ्रोजन फूड और इंस्टेंट नूडल्स जैसे पैकेज्ड स्नैक्स आजकल की जीवनशैली का हिस्सा बन गए हैं. इन खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए इनमें प्रिजर्वेटिव्स और अनहेल्दी फैट्स का उपयोग किया जाता है. इनमें छिपा हुआ नमक ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है, जबकि इसमें मौजूद पाम ऑयल कोलेस्ट्रॉल लेवल को बिगाड़ देता है. जंक फूड का नियमित सेवन मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देता है और हार्ट डिजीज के जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है.

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