Tips And Tricks: लक्ष्मी पूजन के बाद बचे गन्ने में छिपा है कमाल का सीक्रेट…एक बार जान लेंगे तो कभी नहीं फेंकेंगे

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Tips And Tricks: लक्ष्मी पूजन के बाद बचे गन्ने को यूं ही न फेंकें! इनका इस्तेमाल घर की सफाई, स्किन केयर और बागवानी में किया जा सकता है. देसी नुस्खों से गन्ना न सिर्फ पर्यावरण को बचाता है, बल्कि घर को सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है. जानिए इसके उपयोग के आसान तरीके.

भीलवाड़ा: आमतौर पर देखा जाता है की लक्ष्मी पूजन में गन्ने की पूजा का बहुत बड़ा महत्व होता है लेकिन गन्ने को खाने के बाद उसके छिलके और या फिर गाने को यूं ही फेंक दिया जाता है लेकिन क्या यह बात आप जानते हैं कि गन्ने का उपयोग भी किया जा सकता है. गाने ने टिप्स के हिसाब से यह गन्ने के छिलके बहुत फायदेमंद साबित होते हैं. ये आपके बगीचे के लिए हरा सोना साबित हो सकते हैं. गन्ने में मौजूद प्राकृतिक शर्करा, रेशा और जैविक तत्व मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और पौधों को पोषण देने में मदद करते हैं.

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गन्ने के बचे रेशे (बागास) को छोटे टुकड़ों में काटकर अपने कम्पोस्ट बिन में डालें. यह धीरे-धीरे गलकर मिट्टी में कार्बन जोड़ता है, जिससे कम्पोस्ट अधिक संतुलित बनती है. आप इसे सूखे पत्तों और रसोई के कचरे के साथ मिलाकर रख सकते हैं. लगभग 2–3 महीने में यह बेहतरीन प्राकृतिक खाद में बदल जाएगा.

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गन्ने के सूखे रेशों को पौधों की जड़ों के चारों ओर फैला दें. इससे मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहती है और खरपतवार (Weeds) उगने की संभावना कम होती है. गर्मी के मौसम में यह पौधों को सूखने से बचाता है, जबकि सर्दियों में मिट्टी को गरम बनाए रखता है.

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गन्ने के बचे रस को थोड़ा पानी मिलाकर (1 भाग रस : 10 भाग पानी) पौधों की जड़ों में डाल सकते हैं. इससे पौधों को सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) और प्राकृतिक ग्लूकोज मिलता है, जो उनकी वृद्धि को प्रोत्साहित करता है. ध्यान रखें अधिक मात्रा में डालने से फफूंदी या चींटियां लग सकती हैं, इसलिए सीमित मात्रा में ही उपयोग करें. गन्ने का रेशा मिट्टी में मिलाने से मिट्टी हल्की और हवादार बनती है. यह विशेष रूप से उन जगहों के लिए अच्छा है. जहां मिट्टी बहुत कठोर या चिपचिपी हो. गन्ने का रेशा मिट्टी में पानी के प्रवाह को बेहतर बनाता है और जड़ों को अधिक ऑक्सीजन देता है.

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गन्ने के सूखे रेशों को राख या नीम की पत्तियों के साथ मिलाकर पौधों के आस-पास फैलाएं. यह प्राकृतिक रूप से मिट्टी में कीड़े, चींटियां और अन्य छोटे कीटों को दूर रखता है. यह तरीका पर्यावरण के लिए सुरक्षित है और किसी केमिकल की ज़रूरत नहीं पड़ती.

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अगर आप घर की बाउंड्री या पॉट्स के आसपास सजावट करना चाहते हैं, तो गन्ने के टुकड़ों को सुखाकर eco-decor mulch के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं. यह देखने में सुंदर लगता है और धीरे-धीरे मिट्टी में मिलकर पोषण भी देता है. इस तरह एक कचरा बगीचे की शोभा बढ़ाने वाला प्राकृतिक खजाना बन जाता है.

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Tips And Tricks: लक्ष्मी पूजन के बाद बचे गन्ने में छिपा है कमाल का सीक्रेट

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