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Tips And Tricks: गमले में अरबी के पत्ते उगाना बेहद आसान है. थोड़ी सी मिट्टी, उचित नमी और धूप से आप घर पर ही अरबी की खेती कर सकते हैं. यह न केवल आपकी रसोई के लिए ताजगी देगा बल्कि बागवानी का शौक भी पूरा करेगा.
अरबी के पत्ते न केवल स्वादिष्ट व्यंजन बनाने के काम आते हैं, बल्कि यह पौधा देखने में भी बेहद आकर्षक लगता है. आमतौर पर लोग इसे खेतों या बड़े बागानों में उगाते हैं, लेकिन अगर आपके पास जगह की कमी है. तो आप अरबी को आसानी से गमले में भी उगा सकते हैं.

थोड़ी-सी देखभाल और सही तरीके अपनाकर आप अपने घर की बालकनी या छत पर ताज़ा और हरे-भरे अरबी के पत्तों का आनंद ले सकते हैं.

अरबी के पत्ते उगाने के लिए कम से कम 12–14 इंच गहरा और चौड़ा गमला चुनें क्योंकि अरबी की जड़ों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह चाहिए होती है . गमले के नीचे पानी निकासी के लिए छेद होना जरूरी है ताकि अतिरिक्त पानी जमा न हो.

अरबी के लिए भुरभुरी और उपजाऊ मिट्टी सबसे अच्छी रहती है. गमले की मिट्टी में 40% बगीचे की मिट्टी, 30% गोबर की खाद और 30% बालू या रेत मिलाएं. इससे मिट्टी में नमी भी बनी रहेगी और जल निकासी भी सही होगी.

अरबी को कंद (जड़) से लगाया जाता है. इसके लिए आप किसी सब्जी मंडी या नर्सरी से अरबी के कंद ले सकते हैं. कंद को गमले की मिट्टी में लगभग 2–3 इंच गहराई पर दबाकर रोप दें और हल्का पानी दें. कुछ ही दिनों में इससे हरे-भरे पत्ते निकलने लगते हैं.

अरबी नमी पसंद करने वाला पौधा है, इसलिए नियमित पानी देते रहें। गर्मियों में रोजाना हल्की सिंचाई करें, लेकिन पानी इतना न दें कि जड़ों में सड़न हो जाए. हर 15–20 दिन में तरल खाद या जैविक खाद डालते रहें, इससे पत्ते जल्दी और बड़े निकलते हैं.

गमले को ऐसी जगह रखें जहां पौधे को हल्की धूप और आंशिक छांव दोनों मिल सकें. बहुत तेज धूप अरबी के पत्तों को जला सकती है, इसलिए सुबह या शाम की धूप सबसे उपयुक्त रहती है.

लगभग 2–3 महीने बाद अरबी के बड़े और हरे पत्ते खाने योग्य हो जाते हैं. इन्हें चाकू से काटकर उपयोग में लिया जा सकता है. ध्यान रखें कि एक साथ सभी पत्ते न तोड़ें, वरना पौधा कमजोर हो जाएगा.
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