Tips and Tricks: ठंड में नाक सूखने के कारण सांस लेने में होती है दिक्कत, जानिए कारण और आसान बचाव के उपाय

जांजगीर चांपा: सर्दियों में हवा में नमी कम हो जाती है, जब हम इस सूखी हवा में सांस लेते हैं, तो नाक की अंदरूनी सतह की म्यूकस लेयर सूखने लगती है, इससे सांस लेने में परेशानी होती है, इसके साथ ही सर्दियों के मौसम में कई व्यक्ति के नाक से अचानक खून निकलने लगता है, जो एक बहुत बड़ी समस्या है, ठंडी और शुष्क हवा के कारण नाक की अंदरूनी झिल्ली सूख जाती है, जिससे छोटी रक्त वाहिकाएँ फट जाती हैं,और नाक से खून निकलने लगता है, वही इसके बचाव के लिए नाक में नमी बनाए रखना जरूरी है. चिकित्सक से जानिए इसके लिए कुछ घरेलू नुक्खे.

आयुष चिकित्सक पी बी दीवान ने बताया की ठंड के मौसम में हवा में नमी कम हो रही है. हवा में रूखापन आने लगा है, जब हम सांस लेते हैं, तो सूखी हवा जब नाक से गुजरती है तो नाक की झिल्ली, म्यूकस, सूख जाती है, और कभी-कभी एलर्जी के कारण उसमें सूजन भी रहती है जिसके कारण कभी-कभी नाक में थोड़ा खून बाहर निकल जाता है, इन सब से बचने के लिए सबसे पहले धूल, मिट्टी, धुएं जैसे एलर्जी कारणों से बचना चाहिए, दूसरा सावधानी ठंड में गरम कपड़ों का इस्तेमाल करें, वैसे तो नाक में या अपने श्वसन प्रणाली में सूखेपन से बचने के लिए एक सिस्टम होता है, म्यूकस या नाक से पानी बहने की अपनी एक शारीरिक प्रक्रिया होती है, इसके बावजूद अगर नाक में सूखापन बना रहता है, तो घरेलू उपचार के तौर पर शुद्ध घी या तिल के तेल की दो-दो तीन-तीन बूंदें दोनों नासिकाओं में, दोनों नाक के छेदों में डालें, आप उससे अपना बचाव कर सकते हैं.

इसके अलावा, आयुर्वेद में कुछ औषधीय तेल भी उपलब्ध हैं, जैसे षडबिंदु तेल, अणु तेल, जिसका उपयोग रात में नाक में दो-तीन बूंद डालकर नाक के सूखेपन से बचाने के लिए भी किया जा सकता है, गरम कपड़ों का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल करें, क्योंकि इस मौसम में एलर्जी की बहुत समस्या होती है। नाक बहना, छींक आना और इस मौसम में दमे की भी शिकायत होती है, ठंड के मौसम में ये एलर्जी टाइप की बीमारी ज्यादा देखने को मिलता हैं ,इन सब चीजों से खुद को बचाना आपके उत्तम स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी है.नाक की सूखापन की परेशानी में आप नाक में घी या तिल का तेल दो बार डाल सकते हैं.

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