कान्हा लैंडस्केप में बाघ आकलन 2026 शुरू
कान्हा टाइगर रिजर्व के नेतृत्व में अखिल भारतीय बाघ आकलन-2026 का पहला चरण मंगलवार से शुरू हो गया है। इस चरणबद्ध आकलन के तहत वनमंडलों में तीन दिवसीय साइन सर्वे किया जा रहा है। इसमें मांसाहारी और बड़े शाकाहारी जानवरों के पगमार्क, मल, खरोंच और अन्य संकेत
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यह पूरा आकलन मोबाइल आधारित ऐप के माध्यम से संपन्न होगा। वनकर्मी इन साक्ष्यों को सावधानीपूर्वक पहचान कर ऐप में अपलोड कर रहे हैं, जिससे डेटा संग्रह में सटीकता सुनिश्चित हो सके।
बाघों के आकलन के लिए कान्हा टाइगर रिजर्व को कान्हा लैंडस्केप के वनमंडलों का नोडल केंद्र बनाया गया है। यह लैंडस्केप 6 हजार वर्ग किलोमीटर का एक विशाल क्षेत्र है, जो बाघ आकलन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
इस लैंडस्केप में कान्हा टाइगर रिजर्व के दोनों वन मंडल, मंडला के पूर्व एवं पश्चिम वन मंडल, बालाघाट के उत्तर व दक्षिण वन मंडल, डिंडोरी वन मंडल के साथ-साथ बरघाट और मोहगाँव प्रोजेक्ट क्षेत्र शामिल हैं।
आकलन शुरू होने से पहले, 15 राज्यों से आए 44 स्वयंसेवकों को रविवार को खटिया इको सेंटर में प्रशिक्षित किया गया था। ये स्वयंसेवक कान्हा लैंडस्केप के वनकर्मियों के साथ मिलकर बाघ आकलन की प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं।

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