खरपतवार समझ कर फेंक रहे हैं रामबाण दवा? खटाखट सही कर देगा कमर दर्द, डायबिटीज भी कर देगा गायब

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Use Of Vidhara In Ayurveda : जिसे आप खेतों में उग आई एक आम झाड़ी या खरपतवार समझ कर फेंक देते हैं, वो विधारा का पौधा आयुर्वेद में रामबाण औषधि माना जाता है. यह कमर दर्द, जोड़ों की सूजन से लेकर डायबिटीज तक में बेह…और पढ़ें

गोंडा : भारतीय आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में प्रकृति को ही औषधि का भंडार माना गया है. खेतों की मेड़ों, जंगलों, यहां तक कि हमारे आंगन और बगीचों में भी कई ऐसे औषधीय पौधे मौजूद होते हैं, जिनमें वर्षों पुराने रोगों को जड़ से ठीक करने की ताकत होती है. लेकिन अफसोस, जानकारी के अभाव और जागरूकता की कमी के चलते हम इन्हें खरपतवार या फालतू घास-पात समझकर उखाड़ फेंक देते हैं. ऐसा ही एक पौधा है विधारा, जिसे आमतौर पर लोग झाड़ जैसा पौधा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि यह पौधा जोड़ों के दर्द, सूजन और कमजोरी जैसी समस्याओं में बेहद फायदेमंद है.

लोकल 18 से बातचीत के दौरान वैद्य जमुना प्रसाद यादव बताते हैं कि विधारा का पौधा बेल या झाड़ी जैसा होता है, जिसके पत्ते बड़े और दिल के आकार के होते हैं. इसकी जड़ सबसे ज्यादा औषधीय गुणों से भरपूर मानी जाती है. यह कई बीमारियों को ठीक करने में मदद करता है. विधारा से अल्सर, डायबिटीज, चर्म रोग , जोड़ों का दर्द अर्थराइटिस आदि बीमारियों को ठीक किया जा सकता है. इतना ही नहीं आयुर्वेद में तो यह भी दावा किया जाता है कि विधारा से बुद्धि को भी तेज किया जा सकता है.

क्या हैं विधारा के फायदे?
विधारा की जड़ में मौजूद तत्व शरीर के वात दोष को शांत करते हैं, जो जोड़ो के दर्द, सूजन और गठिया जैसी समस्याओं का मुख्य कारण होता है
यह पुराने जोड़ों के दर्द में राहत देता है
शरीर में सूजन कम करने में मदद करता है
यह हड्डियों को मजबूत बनाता है और शारीरिक कमजोरी दूर करता है
यह शरीर में नई ऊर्जा का संचार करता है और थकावट को दूर करता है

कमर दर्द के इलाज में रामबाण
वैद्य जमुना प्रसाद बताते हैं कि कमर दर्द के लिए विधारा रामबाण है. यदि आप कमर दर्द से परेशान हैं तो विधारा की जड़ और अश्वगंधा की जड़ को पीसकर चूर्ण बनाकर उसमें धागे वाली मिश्री मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से कमर दर्द से छुटकारा मिल सकता है. उन्होंने बताया कि विधारा बुजुर्गों के लिए काफी फायदेमंद है क्योंकि वृद्धावस्था में कई प्रकार की बीमारियां और शारीरिक कमजोरी हो जाती है. विधारा का सेवन करने से शारीरिक कमजोरी दूर हो जाती है.

कैसे करें विधारा का उपयोग?
विधारा की सूखी जड़ को पीसकर उसका चूर्ण बना लें. रोज सुबह और शाम एक चम्मच चूर्ण गुनगुने पानी या दूध के साथ लिया जा सकता है. इसके अलावा, इसकी जड़ का काढ़ा बनाकर भी सेवन किया जाता है. कुछ लोग इसके चूर्ण को सरसों के तेल में मिलाकर जोड़ों पर लेप के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं, जिससे जल्दी राहत मिलती है. हालांकि विधारा एक प्राकृतिक औषधि है, फिर भी इसका सेवन वैद्य या आयुर्वेदाचार्य की सलाह से ही करना चाहिए. हर व्यक्ति की प्रकृति और रोग की स्थिति अलग होती है, इसलिए सही मात्रा और तरीके से इसका सेवन करना जरूरी है.

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खरपतवार समझ कर फेंक रहे हैं रामबाण दवा? खटाखट सही कर देगा कमर दर्द

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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