कोशिश करने वालों की हार नहीं होती.. भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनें हरियाणा पुलिस के सिपाही प्रियांशु ने बताया अपनी संघर्ष की कहानी, कहा- जब मौका मिलता तब…

फरीदाबाद: फरीदाबाद में तैनात हरियाणा पुलिस के सिपाही प्रियांशु ने ऐसा इतिहास रच दिया है, जिसकी चर्चा हर जगह हो रही है. प्रियांशु ने मेहनत और लगन से वो मुकाम हासिल किया है, जिसके सपने हजारों युवा देखते हैं. यूपीएससी सीडीएस एग्जाम 2025 में प्रियांशु ने ऑल इंडिया में 13वीं रैंक हासिल कर न केवल हरियाणा पुलिस बल्कि पूरे राज्य का नाम रोशन किया है. उनकी इस उपलब्धि पर पुलिस कमिश्नर तक ने मिलकर बधाई दी और कहा कि प्रियांशु जैसे जांबाज सिपाही फोर्स की शान हैं.

आसान नहीं था लेफ्टिनेंट बनने की राह

Local18 से बातचीत में प्रियांशु ने अपनी संघर्ष भरी कहानी साझा की. उन्होंने बताया कि उनकी हरियाणा पुलिस में जॉइनिंग साल 2024 में हुई थी. पुलिस की ड्यूटी 24 घंटे की होती है…कभी रात में कॉल आ जाती तो कभी सुबह ऑफिस की जिम्मेदारी. ऐसे में तैयारी के लिए वक्त निकालना आसान नहीं था लेकिन प्रियांशु ने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया. जब भी उन्हें थोड़ा भी समय मिलता, वो किताब लेकर बैठ जाते. उन्होंने बताया कि सीनियर्स ने उनका खूब साथ दिया. जब उन्हें छुट्टी की जरूरत होती, तो सीनियर्स सहयोग करते और कहते …जा भाई, तैयारी कर ले. इसी समर्थन और अपनी मेहनत के दम पर वे आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं.

मेहनत और लगन से 13वीं रैंक हासिल की

प्रियांशु मूल रूप से सोनीपत के रहने वाले हैं. परिवार में मम्मी-पापा और एक बड़ा भाई है, जो खुद भी तैयारी कर रहा है. जब लेफ्टिनेंट पद पर चयन की खबर आई तो पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई. प्रियांशु बताते हैं मैं ड्यूटी पर था,जब दोस्तों ने रिजल्ट बताया. उन्होंने कहा खुद देख, और जब मैंने देखा कि मेरी ऑल इंडिया रैंक 13 है तो खुशी के मारे आंखों में आंसू आ गए. वो सारी मेहनत, वो नींद रहित रातें, सब याद आ गईं. मैंने 20 दिन में 10 किलो वजन कम किया था तैयारी के दौरान.

दिन-रात की पढ़ाई

उन्होंने आगे बताया कि मैं कॉलेज टाइम से ही NCC में था, इसलिए फिजिकल को लेकर चिंता नहीं थी. लेकिन पेपर की तैयारी के लिए मैंने दिन-रात एक कर दिया. कई बार ऐसा भी हुआ कि लंच-डिनर छोड़कर सिर्फ जूस पीकर पढ़ाई की. ये मेरा 7वां अटेम्प्ट था और आखिरकार इस बार मेहनत रंग लाई. अब उनका इंटरव्यू क्लियर हो चुका है और नवंबर तक वे सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में शामिल होंगे. युवाओं के लिए उन्होंने संदेश दिया…अगर मन लगाकर मेहनत करोगे तो जरूर सफल होगे. असफलता से डरना नहीं चाहिए, क्योंकि वही आपको दोबारा उठना सिखाती है.

प्रियांशु की शुरुआती पढ़ाई सोनीपत के गोहाना स्थित एक निजी स्कूल से हुई और आगे की पढ़ाई उन्होंने चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी से की. वहीं से उन्होंने सिविल सर्विस की दिशा में कदम बढ़ाया.

दोस्तों ने बांटी प्रियांशु की कामयाबी पर मिठाई

उनके साथी भी उनकी सफलता से बेहद खुश हैं. दोस्त मोहित, जो खुद हरियाणा पुलिस में हैं, कहते हैं…मैं प्रियांशु के साथ ही रहता हूं. उसने जितनी मेहनत की उतना ही बड़ा फल पाया है. जब रिजल्ट आया तो उसने फरीदाबाद में मिठाई बांटी और हम सबको गर्व हुआ. वहीं सागर जो कैथल से हैं, बताते हैं…प्रियांशु शुरू में फेल भी हुआ पर हार नहीं मानी. उसने मुझे भी तैयारी के लिए प्रेरित किया. तीसरे साथी श्रवण ने कहा प्रियांशु बहुत शांत स्वभाव और मेहनती लड़का है. उसकी कामयाबी पर हमें गर्व है. वो देश की सेवा में एक अच्छा अफसर बनेगा यही हमारी शुभकामना है.

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