शरीर में टैटू बनवाने वाले हो जाएं सावधान! इस खतरनाक बीमारी के हो सकते हैं शिकार, जानें डॉक्टर की ये सलाह

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Health Tips जौनपुर में डॉ. सीमा सिंह ने बताया कि एड्स असुरक्षित संबंध, संक्रमित खून, गंदी सुई और मां से बच्चे में फैलता है. टैटू में इस्तेमाल गंदी सुई भी खतरा बढ़ाती है. उन्होंने सुरक्षित संबंध, नई सुई, समय-समय पर जांच और सरकारी अस्पतालों में मुफ्त जांच-इलाज की सलाह दी.

जौनपुर:  एड्स का नाम आते ही हर किसी के मन में एक ही सवाल उठता है कि एड्स होने की मुख्य वजह क्या है और क्या क्या दिक्कत हो सकती है. एड्स के लक्षण अगर आपको भी दिखते हैं तो सावधान हो जाएं, वरना आप भी बड़ी समस्या में आ सकते हैं. जौनपुर की प्रसिद्ध काउंसलर डॉ. सीमा सिंह ने लोगों को एड्स से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया. उन्होंने कहा कि एड्स आज भी एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या है, लेकिन थोड़ी सी सावधानी रखकर हम खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं. शरीर में टैटू बनवाना भी घातक हो सकता है. गंदी सुई के इस्तेमाल से बनवाए टैटू से भी एड्स फैलने का खतरा हो सकता है.

ऐसे हो सकती है दिक्कत 

डॉ. सीमा सिंह ने बताया कि एड्स एचआईवी वायरस से होता है, जो मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित खून, दूषित सुई और गर्भवती मां से बच्चे में फैलता है. इसलिए सबसे जरूरी है सुरक्षित संबंध, समय-समय पर जांच और किसी भी तरह के खून या इंजेक्शन के लिए साफ-सुथरी और नई सुई का उपयोग.

टैटू है घातक
डॉ सीमा सिंह ने  खास तौर पर युवाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि आजकल टैटू बनवाने का चलन बढ़ा है, लेकिन यह भी एचआईवी संक्रमण फैलने का कारण बन सकता है. अगर टैटू बनाने वाला कलाकार गंदी या पहले से इस्तेमाल की गई सुई का उपयोग करता है, तो एड्स का खतरा बढ़ जाता है. लोग अक्सर फैशन में टैटू बनवा लेते हैं, लेकिन सुई की सफाई और सुरक्षा पर ध्यान नहीं देते.

डॉ. सिंह ने जनजागरूकता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि एड्स से डरने की जरूरत नहीं, बल्कि इसके बारे में सही जानकारी रखना जरूरी है. उन्होंने बताया कि एड्स की जांच अब आसान है और सरकारी अस्पतालों में यह जांच निशुल्क की जाती है. इलाज के लिए एआरटी सेंटर उपलब्ध हैं, जहां मरीज को मुफ्त दवाएं भी मिलती हैं. उन्होंने कहा कि एड्स का समय से पता चल जाए तो मरीज सामान्य जीवन जी सकता है.

समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराएं
डॉ. सीमा सिंह ने अपील की कि एड्स के बारे में जानकारी फैलाएं, डर नहीं. जागरूकता ही इस बीमारी से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है.

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Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों में रिपोर्टिंग से ल…और पढ़ें

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टैटू बनवाने वाले हो जाएं सावधान! इस खतरनाक बीमारी के हो सकते हैं शिकार

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