Last Updated:
ईरान युद्ध के बाद ये देखकर ये सवाल अनायास उठता है कि क्या दुनिया का कोई ऐसा देश भी है, जिसने कभी कोई युद्ध नहीं लड़ा हो और ना ही उसमें फंसा हो. तो इसका जवाब है – हां, कुछ देश तो ऐसे जरूर हैं, जो शांतिपूर्ण रहे हैं. जिनका युद्ध से कम से कम 100 सालों से कोई नाता नहीं रहा है. यानि आधुनिक दुनिया में वो शांति के साथ रह रहे हैं.
कहा जा सकता है कि दुनिया का हर देश ही किसी न किसी रूप में युद्ध या सशस्त्र संघर्ष में उलझ ही चुका है लेकिन कुछ देश ऐसे हैं जिन्होंने आधुनिक विश्व यानि 19वीं सदी के बाद कोई युद्ध नहीं लड़ा. ये देश तटस्थता, भौगोलिक स्थिति या सेना नहीं होने की वजह से शांतिपूर्ण रहे हैं. (AI News18 Image)
इसमें पहला देश सैन मैरिनो है. छोटा सा देश. ये देश 4वीं शताब्दी से स्वतंत्र है. कभी किसी युद्ध में सक्रिय भागीदार नहीं बना. दूसरे विश्व युद्ध में भी इसकी तटस्थता का सम्मान किया गया, हालांकि इस पर जर्मन सेना ने कब्जा किया था लेकिन फिर ये उससे छूट भी गया. दरअसल सितंबर 1944 में पीछे हटती जर्मन सेना ने रणनीतिक कारणों से सैन मैरिनो पर कब्ज़ा कर लिया. (AI News18 Image)
इस कब्जे के पीछे कारण यह था कि जर्मन सेना इस इलाके की पहाड़ियों का इस्तेमाल मित्र देशों की सेनाओं के खिलाफ तोपखाने की स्थिति और संचार लाइनों को सुरक्षित रखने के लिए करना चाहती थी. ये कब्ज़ा ज्यादा दिनों तक नहीं टिका. मित्र देशों की सेना ने 17 से 20 सितंबर 1944 के बीच “सैन मैरिनो की लड़ाई” लड़ी. इस युद्ध में चौथी इंडियन डिवीजन (भारतीय सैनिक) ने अहम भूमिका निभाई. (AI News18 Image)
Add News18 as
Preferred Source on Google
सैन मैरिनो दुनिया के सबसे छोटे और सबसे अमीर देशों में एक है. इसका क्षेत्रफल 61 वर्ग किलोमीटर है. यहां की आबादी महज 33,000 से 34,000 है. जीडीपी शानदार और प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद करीब 59,000 से 70,000 अमेरिकी डॉलर है, जो इसे दुनिया के सबसे धनी देशों की श्रेणी में लाता है. (AI News18 Image)
दूसरा देश है आइसलैंड. हाल के दिनों में ये तब चर्चाओं में आ गया. जब अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर कब्जे की बात कही. आइसलैंड ने 1944 में स्वतंत्रता के बाद कभी युद्ध नहीं लड़ा. इसकी कोई स्थायी सेना नहीं है. ये शांतिप्रिय नीति अपनाए हुए है. इसका क्षेत्रफल 1,03,000 वर्ग किलोमीटर है यानि तीन हिमाचल प्रदेश के बराबर. यहां की आबादी 4 लाख है. प्रति व्यक्ति आय करीब 88,000 डॉलर प्रति वर्ष है. ये भी दुनिया के सबसे अमीर देशों में एक है. (AI News18 Image)
तीसरा देश लिक्टेनस्टीन है. लिक्टेनस्टीन ने 1868 से अपनी सेना भंग कर दी. उसके बाद किसी युद्ध में भाग नहीं लिया. 1866 का युद्ध अंतिम था, जिसमें कोई हानि नहीं हुई. उसका क्षेत्रफल 160 वर्ग किलोमीटर है. आबादी 40000 के आसपास. (AI News18 Image)
ये भी दुनिया के सबसे अमीर देशों में एक है. प्रति व्यक्ति आय 2 लाख डॉलर से भी ज़्यादा है, जो दुनिया में सबसे अधिक है. यहां की अर्थव्यवस्था मुख्यतौर पर बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, और उच्च गुणवत्ता वाले उद्योग पर टिकी है. यहां जीवन प्रत्याशा पुरुषों के लिए 82.5 वर्ष और महिलाओं के लिए 87.3 वर्ष है, जो दुनिया में सबसे अधिक है. (AI News18 Image)
वेटिकन सिटी ने भी कभी कोई युद्ध नहीं लड़ा. ना ही युद्धों से उसका कोई मतलब ही रहा है. उसके पास कोई सेना नहीं. स्विस गार्ड केवल सुरक्षा के लिए होते हैं. वैसे वेटिकन सिटी दुनिया का सबसे छोटा देश है. यहां का स्थायी वाशिंदा कोई नहीं होता. लोग यहां कुछ बरसों के लिए आते हैं और फिर अपने देश लौट जाते हैं. (AI News18 Image)
कोस्टा रिका के पास 1948 से कोई सेना नहीं है. ये दुनिया का सबसे मशहूर उदाहरण है कि बिना सेना के भी एक देश न सिर्फ सुरक्षित रह सकता है. इसका क्षेत्रफल 51,060 वर्ग किलोमीटर है, .यानि दो हिमाचल प्रदेश के बराबर. आबादी 51.74 लाख. कोस्टा रिका का इतिहास दिलचस्प है. 1948 में यहां गृहयुद्ध हुआ जो कुछ हफ्ते चला. इसमें लगभग 2,000 लोग मारे गए. 1983 में कोस्टारिका में एक सर्वे हुआ, जिसमें यहां के 83% फीसदी सेना के खिलाफ थे. संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय का मुख्यालय यहीं है. (AI News18 Image)
स्वीडन ने 1814 के बाद कोई युद्ध नहीं लड़ा. यानि लगातार 200 से भी ज़्यादा सालों से शांति से रह रहा है. इसका क्षेत्रफल 4,47,430 वर्ग किलोमीटर है. आबादी 1.06 करोड़. स्टॉकहोम इसकी राजधानी है. स्वीडन हमेशा से शांतिप्रिय नहीं था. लेकिन बाद में उसने अपनी रणनीति बदल दी. शीत युद्ध के बाद स्वीडन ने अपनी सेना को 90 फीसदी तक कम कर दिया. (AI News18 Image)
.