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Moradabad News: कहते हैं कि महिलाएं धीरे-धीरे आत्मनिर्भर बन रही हैं और सरकारी की मदद से आगे भी बढ़ रही हैं. ऐसी ही कुछ कहानी मुरादाबाद निवासी दीपाली चौहान की है, जिन्होंने अपने कारोबार को आगे बढ़ाया.
मुरादाबाद: जिले में महिलाएं अब आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहीं हैं. वहीं बहुत-सी महिलाएं ऐसी हैं, जो कृषि के क्षेत्र में भी पुरुषों के मुकाबले अच्छा योगदान निभा रही हैं. ऐसी ही एक महिला है दीपाली चौहान, जिन्होंने लॉकडाउन के समय अपने दिमाग में कारोबार करने का आइडिया बनाया था. फिर उन्होंने समूह बनाकर गोबर का बिजनेस करना शुरू किया, जिसमें उन्होंने वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार करना शुरू किया.
यह काम उन्होंने शुरुआत में 50 हजार रुपए से शुरू किया था. वर्तमान में 10 लाख रुपए से अधिक का मुनाफा हो रहा है और वह अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बना रहीं हैं और वह काफी खुश हैं. अन्य महिलाओं से भी इसी तरह से अपना स्टार्टअप शुरू कर आत्मनिर्भर बनने की अपील कर रही हैं.
2019 में शुरू किया था कारोबार
समूह की अध्यक्ष दीपाली चौहान ने बताया कि मेरे पति की तबीयत खराब थी. लॉकडाउन के समय पर कारोबार करने का प्लान बनाया था. तभी हमने 2019 में यह कारोबार शुरू किया था. फिर हमने अपने खेत पर ही यह गोबर इकट्ठा कर वर्मी कंपोस्ट का काम करना शुरू कर दिया. फिर हमने शुरुआत में केंचुए खरीदकर गोबर में केंचुए छोड़ दिए और वर्मी कंपोस्ट बनाना शुरू कर दिया. फिर हमारा छोटा सा बिजनेस धीरे-धीरे बढ़ता गया और हमारा मुनाफा भी बढ़ता गया.
लाखों की हो रही इनकम
इसके साथ ही इस काम की शुरुआत हमने 50 हजार से की थी. शुरुआत में हमने जब बनाया था, तो कम डिमांड थी. लेकिन वर्तमान में इतनी डिमांड है कि हम वर्मी कंपोस्ट जितना बना नहीं पा रहे हैं, उससे ज्यादा हमारे पास ऑर्डर आ गए हैं. इसके साथ ही वर्तमान में हमारी लाखों रुपए में इनकम हो रही है. उन्होंने कहा कि हमारे समूह में 11 महिलाएं हैं और सभी महिलाएं 10 से 12 हजार रुपए कमा लेती हैं.
इस प्रकार पूरा समूह लाखों रुपए का मुनाफा कमा रहा है. इसके साथ ही हमारे वर्मी कंपोस्ट की डिमांड मुरादाबाद मंडल ही नहीं, बल्कि उत्तरांचल तक है. इसके अलावा देहरादून तक हमारा माल गया है. इसके साथ ही सरकार ने जो समूह के माध्यम से हमें पैसे दिए थे, उसमें हम कामयाब हो गए हैं और हमें बहुत अच्छा मुनाफा हो रहा है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
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