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Bahraich News: भिंडी की खेती करते समय किसानों को कुछ बातों का ध्यान देना चाहिए, ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके. भिंडी की बुवाई करते समय सबसे पहले अच्छी किस्मों की बीज का चयन करना होता है और इससे अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है.
बहराइच: जिले के रहने वाले किसान बबलू यादव लंबे समय से भिंडी की खेती करते आ रहे हैं. इनका कहना है कि भिंडी की खेती हमारी रोजी-रोटी है, जिसको हम सर्दियों के सीजन में भी और गर्मियों की सीजन में बोते हैं. इसकी अगैती और लेट खेती दोनों करते हैं. भिंडी की खेती ने ही हमें पहचान दिलाई है और हम इसका साथ कभी नहीं छोड़ेंगे.
भिंडी की बुवाई करते समय सबसे पहले अच्छी किस्मों की बीज का चयन करना होता है और फिर बीज को उपचारित कार्बेडाजिम 2-3 ग्राम प्रति किलो करके 8-10 घंटे भिगोकर बोएं. लाइन से लाइन की दूरी 40 से 50 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 25-30 सेमी रखें. इससे पौधे ग्रोथ करते हैं और पौधों को बराबर मात्रा में खाद, पानी और धूप मिलती है.
खरपतवार को ऐसे करें भिंडी में नियंत्रण
भिंडी की खेती में खरपतवार को नियंत्रित करना बेहद आवश्यक होता है. इसके लिए हमारे किसान भाइयों को बुवाई के 2-3 दिन के अंदर पेंडिमेथालिन का प्रयोग करना चाहिए. फिर 20-25 दिन बाद निराई-गुड़ाई और सिंचाई 7-8 दिनों के अंतराल पर हल्की करें. फूल आते समय 20-25 किलो यूरिया और 10-15 किलो पोटाश प्रति एकड़ के हिसाब से डाल सकते है, जिससे भिंडी की अच्छी पैदावार होती है.
अपनी फसलों को रोग से ऐसे करें सुरक्षा
इसके अलावा भिंडी में रोग की रोकथाम के लिए पीला मोजेक वायरस से बचाव के लिए प्रभावित पौधों को तुरंत नष्ट कर दें. सफेद मक्खी के लिए थायोमेथोक्सम का छिड़काव करें या अपने नजदीकी जिले में स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में जाकर वैज्ञानिकों से संपर्क करें. इस तरीके को अपनाकर बहराइच जिले के रहने वाले युवा किसान बबलू यादव पिछले कई सालों से भिंडी से मुनाफा उठाते आ रहे हैं. उनका कहना है कि भिंडी अगर एक बीघा में की जाए, तो लगभग लागत 4 हजार से 5 हजार की आती है और मुनाफा चार से पांच गुना आसानी से हो जाता है यानी कि 20000 से 25000, भिंडी से आसानी से कमाया जा सकता है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
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