Health Tips: कचनार का पेड़ औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है और आयुर्वेद में वर्षों से उपयोग होता आ रहा है. इसका वैज्ञानिक नाम Bauhinia variegata है. आयुर्वेद में इसे लंबे समय से कई बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता रहा है. आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. आर.पी. परौहा बताते हैं कि कचनार लीवर संबंधी दिक्कतों और शरीर में बनने वाली गांठों में फायदेमंद माना जाता है. इसके पत्तों का साग नियमित खाने से लाभ मिल सकता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करते हैं. कचनार की छाल या फूल का काढ़ा ठंडा कर उसमें शहद मिलाकर दिन में दो बार लेने से रक्त शुद्धि में मदद मिलती है. फोड़े-फुंसी या मुंहासे होने पर vibhइसके पत्तों का लेप लगाने से आराम मिलता है. दांत दर्द के लिए इसके सूखे तने की राख को मंजन की तरह इस्तेमाल किया जाता है. वहीं छाल और फूल का काढ़ा बनाकर कुल्ला करने से मुंह के छालों में राहत मिलती है.