ये चीज़ गर्भवती महिलाओं के लिए है रिस्की, नहीं करनी चाहिए सेवन, जानिए बड़ी वजह

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अजवाइन अपनी औषधीय गुणों के कारण पाचन और सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन हानिकारक भी हो सकता है. गर्म तासीर और अधिक मात्रा में सेवन से पेट में जलन, एसिडिटी, सीने में जलन और पित्त संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही सेवन करना सुरक्षित माना जाता है.

अजवायन अपनी गर्म तासीर और औषधीय गुणों के कारण फायदेमंद माना जाता है, लेकिन, कुछ मामलों में यह नुकसान भी पहुंचा सकता है. गर्भवती महिलाएं, अल्सर, गर्ड, एसिडिटी से पीड़ित लोग, लिवर रोग के मरीज और रक्तचाप की दवा ले रहे लोग अजवायन का सेवन सीमित मात्रा में ही करें. अत्यधिक मात्रा में लेने से पेट में जलन, एसिडिटी, चक्कर आना और त्वचा में एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

गर्भावस्था में अजवायन का सीमित मात्रा में भोजन में इस्तेमाल सुरक्षित माना जा सकता है, लेकिन इसका औषधीय या अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है. अजवायन की तासीर गर्म होती है, जिससे गर्भाशय में संकुचन, रक्तस्राव और गर्भपात का खतरा बढ़ सकता है. विशेषकर पहली तिमाही में इसका सेवन करने से बचना ही बेहतर माना जाता है.

डॉक्टर गीतिका शर्मा के अनुसार, अजवाइन का अत्यधिक या गलत सेवन एसिडिटी, पेट में जलन, गले में खराश, मुंह में छाले और लीवर की समस्याओं का कारण बन सकता है. इसकी प्रकृति अत्यधिक गर्म होने के कारण, जिन लोगों को पहले से ही पेट में अल्सर या जलन की समस्या है, उन्हें अजवाइन से बचना चाहिए.

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अजवाइन पाचन के लिए बेहद फायदेमंद है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन हानिकारक हो सकता है. विशेषकर खाली पेट या इसकी गर्म तासीर के कारण यह एसिडिटी, सीने में जलन, मतली, उल्टी या पेट के अल्सर की समस्या पैदा कर सकता है. अधिक मात्रा में मौजूद थाइमोल लीवर के लिए विषैला हो सकता है और गर्भवती महिलाओं में गर्भाशय में संकुचन का कारण बन सकता है.

अजवाइन की तासीर गर्म होती है, इसलिए गर्मी के मौसम में या पित्त प्रकृति वाले लोगों के लिए इसका अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है. यह शरीर में गर्मी बढ़ाकर एसिडिटी, पेट में जलन, छाले और त्वचा में जलन का कारण बन सकती है. सुरक्षित सेवन के लिए रोजाना 1-2 ग्राम तक ही इसका उपयोग करना उचित माना जाता है.

अजवाइन का अधिक या गलत तरीके से सेवन पेट में छाले या एसिडिटी के लिए हानिकारक हो सकता है. इसकी तासीर गर्म होने के कारण यह पेट में एसिड का उत्पादन बढ़ा सकती है, जिससे पहले से मौजूद छाले, ब्लीडिंग या तेज जलन की समस्या और बढ़ सकती है.

अजवाइन की तासीर गर्म होती है, इसलिए गर्मी के दिनों में इसका अत्यधिक सेवन पेट में जलन, एसिडिटी और सीने में जलन जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है. यह पित्त को बढ़ाती है, जिससे शरीर का तापमान भी बढ़ सकता है. इसलिए इसका सीमित मात्रा में सेवन ही उचित माना जाता है.

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