NHC के मुताबिक, तूफान एरिन लीवार्ड आइलैंड्स के उत्तर से गुजर रहा है और इसके चलते एंग्विला, सेंट मार्टिन, सेंट बार्थेलेमी, साबा, सेंट यूस्टेटियस और सिंट मार्टन जैसे इलाकों में अगले 24 घंटे में उष्णकटिबंधीय तूफानी हालात पैदा हो सकते हैं. शुक्रवार रात 8 बजे तक तूफ़ान की रफ्तार 85 मील प्रति घंटा दर्ज की गई थी, जो रात 11 बजे तक बढ़कर 100 मील यानी 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई.
तूफान से कहां-कहां खतरा
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल तूफ़ान अमेरिका के दक्षिण फ्लोरिडा से काफी दूर रहेगा और इसके वहां टकराने की संभावना बेहद कम है. हालांकि, फ्लोरिडा से लेकर न्यू इंग्लैंड और अटलांटिक कनाडा तक के समुद्र तटों पर तेज़ लहरें और खतरनाक रिप करंट्स देखने को मिल सकते हैं.
18 तूफानों का खतरा
अटलांटिक तूफ़ान सीज़न का चरम सितंबर में होता है. इस बार अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) ने सामान्य से अधिक सक्रिय सीजन की चेतावनी दी है. अनुमान है कि इस सीज़न में 13 से 18 तूफ़ान दस्तक दे सकते हैं, जिनमें से पांच से नौ हरिकेन में बदल सकते हैं.
एरिन इस सीज़न का पहला नामित तूफ़ान है जिसने हरिकेन का रूप ले लिया है. हालांकि अमेरिका की मुख्यभूमि पर इसके सीधे प्रभाव की संभावना घट रही है, लेकिन अटलांटिक तटवर्ती क्षेत्रों के लिए यह तूफ़ान समुद्र में खतरनाक उथल-पुथल और तेज़ धाराओं का बड़ा खतरा बना हुआ है.
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