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Health News: अतिबाला के बीज और पत्तियां विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती हैं. इनमें पाए जाने वाले पोषक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने सहायक होते हैं. पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इसका नियमित सेवन कई स्वास्थ्य समस्याओं में लाभकारी माना जाता है.
बाराबंकी: वैसे प्रकृति ने हमें अनेक औषधीय पौधों का खजाना दिया है, लेकिन जानकारी के अभाव में लोग इन्हें सामान्य घास-फूस समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. ऐसा ही एक महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक पौधा है अतिबाला, जो आसानी से खेतों, खाली जगहों और ग्रामीण इलाकों में मिल जाता है. आयुर्वेद में इसे रोगनाशक गुणों वाला पौधा माना गया है.
अतिबाला के बीज और पत्तियां विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती हैं. इनमें पाए जाने वाले पोषक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने सहायक होते हैं. पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इसका नियमित सेवन कई स्वास्थ्य समस्याओं में लाभकारी माना जाता है.
शरीर की इन गंभीर बीमारियों में फायदेमंद
आयुर्वेद के अनुसार, अतिबला का पौधा हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद है. यह हमें खांसी, सूजन, पाचन, एसिडिटी, खून की कमी, शुगर, अनिद्रा जैसी कई गंभीर बीमारियों से छुटकारा दिलाता है.
बलगम से देगा छुटकारा
जिला अस्पताल बाराबंकी के चिकित्सक डॉक्टर अमित वर्मा (एमडी मेडिसिन) ने बताया कि अतिबला एक औषधीय पौधा है. इसमें बहुत सारे औषधीय गुण पाए जाते हैं. अगर किसी को सांस लेने में समस्या होती है या बलगम की जकड़न हो या खांसी आती है. वहां पर इसकी पत्तियों का रस निकालकर जल के साथ सेवन करने से बलगम को निकालने का काम करता है.
साथ ही साथ शरीर में कहीं भी सूजन हो, वहां पर इसकी पत्तियों के रस का सेवन करना चाहिए, इससे काफी फायदा मिलता है. वहीं अगर पाचन व एसिडिटी की समस्या है, वहां पर इसका इस्तेमाल करना चाहिए, काफी लाभ होता है. वहीं किडनी रोग या इंफेक्शन हो जाता है, वहां पर यह बहुत अच्छा काम करता है.
नींद की समस्या से छुटकारा
उन्होंने बताया कि हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ अगर खून की कमी है, वहां पर इसकी पत्तियों का इस्तेमाल करना चाहिए. वहीं शुगर की प्रॉब्लम है, वहां पर इसकी पत्तियों को सुबह-शाम चबाकर खा सकते हैं. यह शुगर को बहुत जल्दी कंट्रोल करता है. वहीं जिन्हें तनाव रहता है, नींद नहीं आती है, उन्हें इसके बीज का इस्तेमाल करना चाहिए.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
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