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Health benefits of Water Chestnut: कई तरह के फल होते हैं, जो पानी में उगते हैं. उन्हीं में से एक है सिंघाड़ा. सिंघाड़े को इंग्लिश में वॉटर चेस्टनट (Water chestnut) कहते हैं. यह जलीय फल तालाबों में खासकर सर्दियों के सीजन में उगता है. तिकोने आकार का सिंघाड़ा पानी में फैलने वाले एक लता में फलता है. सिंघाड़ा खाना सेहत को कई तरह से लाभ पहुंचाता है. चलिए जानते हैं सिंघाड़ा खाने के फायदों के बारे में…
काफी लोग सिंघाड़ा (Water Chestnut) को कच्चा खाना पसंद करते हैं. इसका आटा भी बनता है, जो पर्व-त्योहार में खूब इस्तेमाल होता है. सिंघाड़े के आटे से हलवा बनता है. पूड़ी, पकौड़े बनाकर भी लोग खाते हैं, जो बेहद टेस्टी लगता है. यह फल औषधीय गुणों से भरपूर होता है.

सिंघाड़े में मौजूद पोषक तत्व- सिंघाड़ा पोषक तत्वों का खजाना होता है. इसमें ढेरों मिनरल्स और विटामिंस होते हैं. कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, सल्फर, फाइबर, आयोडीन, मैग्नीज आदि होते हैं, जो हार्ट से लेकर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं.

सिंघाड़ा आप थायरॉइड में भी खा सकते हैं. इसमें मौजूद आयोडीन, मैंगनीज, फाइबर, पोटैशियम, कई तरह के विटामिंस होते हैं, जो थायरॉइड में सपोर्ट करते हैं. जिनका ब्लड प्रेशर लेवल भी हाई रहता है, उनके लिए भी सिंघाड़ा काफी हेल्दी है. आयोडीन थायरॉइड हार्मोन बनाने के लिए जरूरी है. मैंगनीज और पोटैशियम टी4 हार्मोन को सक्रिय टी3 हार्मोन में बदलने की प्रक्रिया में मदद करते हैं. यह परिवर्तन थायरॉइड फंक्शन को सुचारू रूप से चलाने के लिए बेहद आवश्यक है.
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इसके अलावा, सिंघाड़ा खाने से शरीर में एक्स्ट्रा पानी जमा होने से रोकता है. यह खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो थायरॉइड की वजह से सूजन या भारीपन महसूस करते हैं. इसमें मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में भी कारगर है. इससे आपका हार्ट हेल्दी रहता है. शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को बनने से रोकता है और गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है.

सिंघाड़ा पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखने के लिए काफी हेल्दी माना गया है. यह पेट की समस्याओं जैसे गैस, अपच, कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में बेहद कारगर साबित हो सकता है. इसमें मौजूद फाइबर पेट को साफ रखता है.

सिंघाड़ा सर्दियों में खूब मिलता है. यह एक साधारण फल है, लेकिन सेहत पर इसके असाधारण लाभ होता है. सिंघाड़े में फाइबर की मात्रा भरपूर होती है और कैलोरी कम होती है. ऐसे में इसे खाने से पेट देर तक भरा रहता है. आप उल्टा-सीधा खाने से बचे रहते हैं, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है.

किन लोगों को सिंघाड़ा नहीं खाना चाहिए- सिंघाड़े का सेवन लोग कच्चा या फिर उबाल कर भी करते हैं. आप जिस तरह से भी सिंघाड़े का फल खाएं, स्वादिष्ट ही लगता है. संस्कृत में सिंघाड़े को शृंगाटक कहा जाता है. हालांकि, कुछ खास हेल्थ कंडीशन में सिंघाड़े का सेवन करने से बचना चाहिए. जिन लोगों को किसी फूड से एलर्जी होती है, संभवत: उन्हें सिंघाड़ा खाने से भी रैशेज, खुजली, स्किन इर्रिटेशन, रेडनेस आदि की समस्या हो सकती है. यदि आपको गैस, सूजन, इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम, कब्ज, डायबिटीज, किडनी स्टोन, सर्दी-खांसी, हाई ब्लड प्रेशर, ब्लड थिनर लेने वाले आदि में सिंघाड़े के सेवन से परहेज करना चाहिए.
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