गिलोय के फायदे: गिलोय एक आयुर्वेदिक औषधि है. प्राचीन काल से ही आयुर्वेद में गिलोय का उपयोग कई गंभीर बीमारियों के उपचार में किया जाता रहा है. कोरोना काल के दौरान गिलोय के उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई थी. यह एक बेलनुमा पौधा है, जिसकी खासियत है कि यह जिस पेड़ पर चढ़ती है, उसी के औषधीय गुणों को अपने भीतर समाहित कर लेती है. गिलोय को अमृता या गुडुची के नाम से भी जाना जाता है. इसका स्वाद कड़वा होता है, लेकिन इसके औषधीय गुण अत्यंत प्रभावशाली हैं. आयुर्वेद चिकित्साक डॉ. बालेंद्र शेखर पटेल ने बताया गिलोय को आयुर्वेद में त्रिदोष शामक माना गया है. यह विशेष रूप से पित्त और कफ दोष को संतुलित करने में प्रभावी है. गिलोय में जीवाणुरोधी और विषाणुरोधी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को संक्रमणों से लड़ने की शक्ति देते हैं. इसके नियमित सेवन से सर्दी-खांसी, बुखार और अन्य सामान्य बीमारियों की आवृत्ति और तीव्रता कम होती है.