अश्वगंधा कैप्सूल से भी सस्ता है ये तरीका! आयुर्वेद डॉक्टर से जानें कैसे करें इस्तेमाल?

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Ashwagandha Benefits: तनाव और कमजोरी को दूर करने के लिए अगर आप भी बाजार से महंगे सप्लीमेंट्स या अश्वगंधा कैप्सूल खरीद रहे हैं, तो रुकिए. ऋषिकेश के आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार ने एक काम की बात बताई है जो आपकी जेब पर पड़ने वाले बोझ को कम कर सकता है. आइए जानते हैं कि आखिर क्यों बाजार में मिलने वाले चमकते ब्रांडेड कैप्सूल से कहीं ज्यादा बेहतर और सस्ती अश्वगंधा की सूखी जड़ साबित हो सकती है.

ऋषिकेश: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, थकान और कमजोरी आम समस्या बन चुकी है. काम का दबाव, नींद की कमी और अनियमित खानपान की वजह से लोग जल्दी थक जाते हैं और शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस करते हैं. ऐसे में कई लोग तुरंत राहत पाने के लिए सप्लीमेंट्स का सहारा लेने लगते हैं. खासतौर पर अश्वगंधा के कैप्सूल इन दिनों काफी लोकप्रिय हो गए हैं. बाजार में अलग-अलग ब्रांड के महंगे कैप्सूल मिलते हैं, जिन्हें लोग स्वास्थ्य सुधारने के लिए खरीदते हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि अश्वगंधा की जड़ या उसका पाउडर कैप्सूल से सस्ता और कई मामलों में उतना ही प्रभावी विकल्प हो सकता है.

लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि अश्वगंधा को आयुर्वेद में बेहद महत्वपूर्ण औषधीय जड़ी-बूटी माना गया है. इसे ताकत बढ़ाने वाली और शरीर को संतुलित रखने वाली जड़ी-बूटी के रूप में जाना जाता है. आयुर्वेद के अनुसार यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, मानसिक तनाव कम करने और शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद कर सकती है. अश्वगंधा की जड़ में मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर के हार्मोन संतुलन को बेहतर बनाने में सहायक माने जाते हैं. यही वजह है कि कई लोग इसे अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल करने लगे हैं.
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कैप्सूल से ज़्यादा फायदेमंद है बूटी

आजकल बाजार में अश्वगंधा के कैप्सूल, टैबलेट और एक्सट्रैक्ट काफी तेजी से बिक रहे हैं. पैकेजिंग और ब्रांडिंग के कारण ये प्रोडक्ट महंगे भी हो जाते हैं. कई बार एक महीने के कैप्सूल की कीमत काफी ज्यादा हो सकती है. जबकि आयुर्वेदिक दुकानों या जड़ी-बूटी की दुकानों पर अश्वगंधा की सूखी जड़ या उसका पाउडर अपेक्षाकृत कम कीमत में आसानी से मिल जाता है. यही कारण है कि कुछ लोग महंगे कैप्सूल की जगह सीधे जड़ी-बूटी का इस्तेमाल करना ज्यादा किफायती और प्राकृतिक विकल्प मानते हैं. अश्वगंधा की जड़ या पाउडर का सेवन कई तरीकों से किया जा सकता है.

आमतौर पर लोग आधा या एक चम्मच अश्वगंधा पाउडर गुनगुने दूध या पानी के साथ लेते हैं. कुछ लोग इसे शहद के साथ भी लेना पसंद करते हैं. माना जाता है कि नियमित और सीमित मात्रा में सेवन करने से शरीर की ऊर्जा बढ़ाने, थकान कम करने और अच्छी नींद लाने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा यह मानसिक तनाव को कम करने और शरीर को आराम महसूस कराने में भी सहायक माना जाता है.

सेवन से पहले डॉक्टर से करें संपर्क
हालांकि यह समझना भी जरूरी है कि हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है. इसलिए किसी भी हर्बल चीज का सेवन करने से पहले सही मात्रा और सही तरीका जानना जरूरी होता है. जरूरत से ज्यादा मात्रा में अश्वगंधा का सेवन करने से फायदा मिलने की बजाय नुकसान भी हो सकता है. खासतौर पर गर्भवती महिलाओं, किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों या नियमित दवाइयां लेने वाले लोगों को डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए. इससे यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि इसका सेवन सुरक्षित तरीके से किया जा रहा है.

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Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें

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