Health Tips: त्रिफला चूर्ण को पॉली हर्बल भी कहा जाता है. इसमें आंवला, बहेड़ा और हडरा (हरितकी) को शामिल किया जाता है. इसमें कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, मिनरल्स, सोडियम, आहार फाइबर के अलावा शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट गैलिक एसिड, चेबुलजिक एसिड भी पाए जाते हैं. डॉक्टर के अनुसार, त्रिफला भोजन के उचित पाचन और अवशोषण को भी बढ़ावा दे सकता है. सीरम कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकता है. परिसंचरण में सुधार कर सकता है. पित्त नलिकाओं को शिथिल कर सकता है. यह होमियोस्टैसिस को बनाए रख सकता है. त्रिफला गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्वास्थ्य में उपयोग के लिए सबसे प्रसिद्ध है. त्रिफला के जलीय और अल्कोहल-आधारित दोनों अर्क दस्त को रोकते हैं. रीवा आयुर्वेद हॉस्पिटल के चिकित्सक डाॅ. अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि इस चूर्ण पर सबसे अधिक रिसर्च हुए हैं. इसे घर पर भी बनाया जा सकता है. आइए जानते हैं कि त्रिफला चूर्ण के फायदे और घर पर तैयार करने की विधि.