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Cause Of UTI: प्राइवेट पार्ट में इंफेक्शन के ज्यादातर मामले हाइजीन की कमी से होते हैं. लेकिन ये सिर्फ आपके टॉयलेट शीट, अनप्रोटेक्टेड सेक्सुअल एक्टिविटी और गंदे अंडरगारमेंट्स तक सीमित नहीं है. इसकी एक वजह आपके किचन में भी मौजूद है.
Kitchen Mistake and UTI: यूटीआई या यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन तब होता है, जब बैक्टीरिया पेशाब की नली में घुस जाते हैं. आमतौर पर ऐसा बाथरूम से जुड़ी अनहाइजेनिक हैबिट्स के कारण होता है. लेकिन हालिया एक स्टडी के दावे के मुताबिक यूटीआई के कई मामले किचन से जुड़ी गलती के कारण भी हो सकते हैं.
ये स्टडी Mbio में प्रकाशित है. इस स्टडी को करने वाले जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजिस्ट लांस प्राइस के अनुसार यूटीआई को लंबे समय से एक व्यक्तिगत स्वास्थ्य समस्या माना जाता था, लेकिन हमारे नतीजे दिखाते हैं कि यह एक फूड सेफ्टी समस्या भी है.
स्टडी का चौंकाने वाला खुलासा
स्टडी के दावे के अनुसार, कच्चा मांस बैक्टीरिया का घर होता है, जो कई छिपी हुई फूड बोर्न बीमारियों का कारण बनते हैं जिनमें यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) भी शामिल है. कुछ इलाकों में मांस और यूटीआई के बीच संबंध ज्यादा मजबूत पाया गया. खासकर कम आय वाले इलाकों में रहने वाले लोगों में फूड बोर्न यूटीआई का खतरा 60% ज्यादा दिखा.
5000 से ज्यादा सैंपल को जांचा गया
GW की बायोइन्फॉर्मेटिशन मलीहा अज़ीज़ और उनकी टीम ने 2017 से 2021 के बीच इकट्ठा किए गए 5,700 से ज्यादा E. coli सैंपल्स की जांच की. ये सैंपल यूटीआई मरीजों और रिटेल मीट दोनों से लिए गए थे. इनका जीनोमिक विश्लेषण करने पर पता चला कि लगभग 20% यूटीआई वाले E. coli वही थे जो जानवरों से आने वाले फूड बोर्न स्ट्रेन के रूप में जाने जाते हैं.
टर्की मीट से UTI का रिस्क सबसे ज्यादा
स्टडी में यह भी पाया गया कि सबसे ज्यादा कंटैमिनेशन पोल्ट्री उत्पादों में था, खासकर टर्की मीट में. इससे अंदाजा लगाया गया कि इन उत्पादों से यूटीआई का खतरा सबसे अधिक हो सकता है.कंटैमिनेशन अक्सर तब फैलता है जब कच्चे मांस को छूने के बाद हाथ, बर्तन और सतहें ठीक से साफ नहीं की जाती.
घर में कच्चा चिकने धोते समय रखें इस बात का ध्यान
– मांस और पोल्ट्री को खरीदते समय अच्छी तरह सील करके रखें
– मांस को हमेशा सबसे बाद में तैयार करें
– कच्चे मांस के लिए अलग चॉपिंग बोर्ड का इस्तेमाल करें
– कच्चा मांस न धोएं
– कच्चा मांस छूने के बाद 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धोएं
– कच्चे मांस को हमेशा 63°C- 74°C के तापमान पर पकाएं
स्टडी पर एक्सपर्ट की राय
प्राइस कहते हैं कि यह शोध नए तरीके दिखाता है जिससे हम बीमारियों को रोक सकते हैं. खासकर उन समुदायों में जो पहले से ही ज्यादा बोझ झेल रहे हैं.
शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें
शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया … और पढ़ें